श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की अचानक कमी के कारण शहर के होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गैस सप्लाई बाधित होने से कई रेस्टोरेंट्स को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है, जबकि कई जगहों पर मेन्यू कम कर दिया गया है और सेवा के घंटे घटा दिए गए हैं।होटल और रेस्टोरेंट संगठनों के अनुसार मुंबई क्षेत्र में लगभग 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद हो चुके हैं। यदि स्थिति अगले दो दिनों में नहीं सुधरी तो 50 से 60 प्रतिशत तक प्रतिष्ठानों को बंद करना पड़ सकता है।


बताया जा रहा है कि यह संकट पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण पैदा हुई ईंधन आपूर्ति और कीमतों में उतार-चढ़ाव से जुड़ा है, जिससे कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित हुई है।शहर के कई लोकप्रिय रेस्टोरेंट इस संकट की चपेट में आ चुके हैं। जैकब सर्कल स्थित होटल फ्री इंडिया, जो अपने कीमा और बटर चिकन के लिए प्रसिद्ध है, गैस खत्म होने के कारण बंद करना पड़ा। वहीं मस्जिद बंदर का नानुमल भोजराज, डी.एन. रोड का शान चाइनीज और बॉम्बे सेंट्रल का उडुपी निकेतन जैसे रेस्टोरेंट भी प्रभावित हुए हैं। उडुपी निकेतन ने गैस बचाने के लिए कई लोकप्रिय व्यंजन अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं और सेवा समय कम कर दिया है।


रेस्टोरेंट कर्मचारियों का कहना है कि गैस की कमी से किचन लगभग ठप हो गए हैं और संचालन अनिश्चित हो गया है। होटल फ्री इंडिया के मैनेजर हिदायतुल्ला इस्माइल दुक्का ने बताया कि सोमवार से गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई, जिसके कारण रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा।इस बीच कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी बढ़ गई है। पहले जहां सिलेंडर करीब 1700 रुपये का मिलता था, वहीं अब इसकी कीमत 1840 रुपये तक पहुंच गई है। होटल संचालकों का आरोप है कि कमी के कारण काले बाजार में एक सिलेंडर करीब 3000 रुपये तक बेचा जा रहा है।
हालांकि जिन रेस्टोरेंट्स में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा है, वहां फिलहाल कोई असर नहीं पड़ा है। मगर शहर के छोटे और मध्यम स्तर के अधिकांश होटल और ढाबे पूरी तरह एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर हैं, जिससे वे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।होटल संगठनों का कहना है कि केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय के एक निर्देश के बाद घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने से सप्लाई चेन में भ्रम पैदा हुआ है और कई डिस्ट्रीब्यूटर्स ने होटल-रेस्टोरेंट्स को सिलेंडर देना बंद कर दिया है।AHAR (होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन) के अनुसार महाराष्ट्र में यह उद्योग करीब 40 लाख प्रत्यक्ष और 1.6 करोड़ अप्रत्यक्ष रोजगार से जुड़ा है।
संगठन ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है और कहा है कि सप्लाई में थोड़ी कटौती उद्योग सहन कर सकता है, लेकिन पूरी तरह बंद होना संभव नहीं है।उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो मुंबई के कई किचन बंद हो जाएंगे और इसका असर शहर की खाद्य आपूर्ति तथा लाखों रोजगारों पर पड़ सकता है।


