■ चंद्रशेखर बावनकुले की रणनीति से तीनों उम्मीदवार विजयी
मुंबई वार्ता संवाददाता

ओडिशा में हुई राज्यसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। इस चुनाव के लिए पार्टी द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक और महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चन्द्रशेखर बावनकुले के नेतृत्व में भाजपा ने अभूतपूर्व जीत हासिल की। भाजपा के दो आधिकारिक उम्मीदवारों के साथ-साथ पार्टी समर्थित तीसरे उम्मीदवार को भी जीत मिली।


चुनाव परिणाम के बाद बावनकुले ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा की जीत है। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों ने एकजुट होकर और पूरी निष्ठा से मतदान किया, जिसके कारण यह सफलता संभव हो सकी।बावनकुळे ने इस जिम्मेदारी के लिए उन पर भरोसा जताने और मार्गदर्शन देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और ओडिशा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनमोहन समाल का आभार व्यक्त किया।


ओडिशा में भाजपा की सरकार है और विधानसभा में पार्टी के पास 82 विधायकों का समर्थन है, जबकि विपक्ष के पास 65 विधायक हैं। राज्यसभा की चार सीटों के लिए हुए इस चुनाव में कुल पांच उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा की ओर से प्रदेशाध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा राज्यसभा सदस्य सुजीत कुमार आधिकारिक उम्मीदवार थे, जबकि पूर्व राज्यमंत्री दिलीप राय को भाजपा का समर्थन प्राप्त था।
हालांकि मतों का गणित केवल दो उम्मीदवारों की जीत के अनुकूल माना जा रहा था, लेकिन केंद्रीय पर्यवेक्षक चंद्रशेखर बावनकुळे की रणनीति के चलते भाजपा के तीनों उम्मीदवार जीतने में सफल रहे। चुनाव से पहले बावनकुले पिछले पांच दिनों से ओडिशा में डेरा डाले हुए थे और उन्होंने विधायकों के साथ लगातार बैठकें कर चुनावी रणनीति तैयार की थी।


