श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई महानगरपालिका, यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क और नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “यूनेस्को की सर्जनशील चित्रपटनगरी – मुंबई” विशेष उपक्रम का रविवार को शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावड़े ने कहा कि मुंबई को यूनेस्को द्वारा “क्रिएटिव सिटी ऑफ फिल्म” के रूप में मिली मान्यता पूरे शहर और देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री को और अधिक सर्जनशील, समावेशी और प्रेरणादायी बनाने के लिए सभी को साझेदारी के साथ काम करना होगा।


दक्षिण मुंबई स्थित नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में आयोजित उद्घाटन समारोह में अभिनेत्री श्रिया पिळगांवकर, इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के अध्यक्ष अभय सिन्हा, उपाध्यक्ष सुषमा शिरोमणी, बेलारूस के वाणिज्यदूत अलेक्झांडर मातसुकाव्ह, फिल्म निर्माता रोहन सिप्पी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।


महापौर रितू तावड़े ने कहा कि इस उपक्रम के माध्यम से मुंबई के समृद्ध सिनेमाई इतिहास और भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ताकत उसकी समावेशिता है, जहां देश के हर हिस्से से आए कलाकारों और तकनीशियनों ने इसे समृद्ध बनाया है। उन्होंने कहा कि मुंबई का सिनेमा पूरे भारत का आईना है और यह उद्योग केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं, बल्कि एक मजबूत आर्थिक और सृजनात्मक शक्ति भी है।
उन्होंने कहा कि “वन सिटी – एंडलेस स्टोरीज” मुंबई की पहचान है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की अर्थव्यवस्था में फिल्म उद्योग का बड़ा योगदान है। एनीमेशन, लघु फिल्में और डॉक्यूमेंट्री जैसे विभिन्न क्षेत्रों ने भी भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया है। महापौर ने आह्वान किया कि मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर बेलारूस के वाणिज्यदूत अलेक्झांडर मातसुकाव्ह ने कहा कि भारत और बेलारूस के बीच फिल्म क्षेत्र में घनिष्ठ संबंध हैं। बेलारूस के फिल्म समारोहों में भारतीय फिल्मों को नियमित रूप से प्रदर्शित किया जाता है और उन्हें पुरस्कार भी मिलते हैं। उन्होंने कहा कि वे बचपन से भारतीय फिल्में देखते आए हैं और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के अभिनय और नृत्य के बड़े प्रशंसक हैं।
कार्यक्रम में महानगरपालिका की व्यवसाय विकास प्रमुख श्रीमती शशी बाला ने स्वागत भाषण दिया, जबकि नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट की उप-अभिरक्षक श्रीमती श्रुति दास ने आभार व्यक्त किया।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से “मुंबईचा गौरव सोहळा – यूनेस्कोची सर्जनशील चित्रपटनगरी” कार्यक्रम का आयोजन 22 मई से 31 मई 2026 तक नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में किया गया है। इस दौरान प्रसिद्ध फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के साथ संवाद, चर्चासत्र, क्लासिक फिल्मों और एनीमेशन फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में सभी नागरिकों और फिल्म प्रेमियों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है।


