श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र में ग्रामीण घरों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाने की केंद्र सरकार की प्रमुख योजना जल जीवन मिशन को लेकर राज्य को सितंबर 2024 के बाद से केंद्र से कोई धनराशि नहीं मिली है। इस कारण कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो रही है। यह जानकारी राज्य के जल आपूर्ति मंत्री गुलाबराव पाटिल ने सोमवार को विधानसभा में दी।


विधानसभा में लिखित जवाब में पाटिल ने बताया कि सितंबर 2024 के बाद से केंद्र सरकार की ओर से राज्य को इस योजना के लिए कोई फंड नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वॉटर सप्लाई कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने 6 दिसंबर 2025 को पत्र भेजकर चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे काम बंद कर देंगे।


मंत्री ने बताया कि राज्य में जल जीवन मिशन के तहत कुल 51,560 कार्यों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 26,499 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 25,061 परियोजनाएं विभिन्न चरणों में चल रही हैं।उन्होंने कहा कि 2019-20 से अब तक इस योजना पर कुल 36,269.6 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें राज्य सरकार का योगदान 20,536.6 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार का योगदान 15,733 करोड़ रुपये है।
पाटिल के अनुसार, सितंबर 2024 के बाद केंद्र से धन नहीं मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने योजना को जारी रखने के लिए 4,832 करोड़ रुपये अपने स्तर पर उपलब्ध कराए।मंत्री ने बताया कि राज्य में इस योजना के सभी कार्यों को पूरा करने के लिए 31,371 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। वहीं, आने वाले वर्ष के लिए राज्य सरकार ने 4,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।


