मुंबई वार्ता संवाददाता

जनवरी से 10 मार्च के बीच 1,000 ड्राइवरों पर 8 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जबकि जनवरी से 25 दिसंबर के बीच ट्रैफिक पुलिस ने हॉर्न बजाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 5,495 ड्राइवरों पर 42 लाख 78 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।


हॉर्न की तेज आवाज शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण स्तर को और बढ़ा देती है। अंटॉप हिल इलाके में सबसे ज्यादा तेज हॉर्न बजाए जाने का मामला सामने आया है। इसके बाद कालबादेवी, दादर, समतानगर और बोरीवली में हॉर्न बजाने वालों की संख्या ज्यादा है।मुंबई में 53 लाख से ज्यादा गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं। इसके अलावा, कई गाड़ियां बाहर से मुंबई में आती हैं। इस समय शहर की हर सड़क, चौराहे और चौक पर ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या है। लगातार हॉर्न बजाने वालों की संख्या ज्यादा है।


शहर में ध्वनि प्रदूषण का स्तर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है और लगातार हॉर्न बजाने की कई शिकायतें पुलिस को मिल रही हैं। इससे बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा परेशान हैं। बिना किसी वजह के हॉर्न बजाने वाले ड्राइवरों पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194 (F) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने दो घंटे के लिए ‘नो टू हॉर्न’, ‘नो हॉर्न’ अभियान चलाया था।हफ्ते में एक दिन उन्होंने मुंबईकरों से ‘नो टू हॉर्न’ की अपील की और उनमें जागरूकता पैदा की। हर बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने पूरे दिन अलग-अलग जगहों पर प्लेकार्ड और बैनर लगाकर हॉर्न नहीं बजाने का संदेश दिया।
ज्ञात हो कि 2024 में, 21,000 ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। ट्रैफिक पुलिस के अभियान की वजह से शहर में हॉर्न बजाने वालों की संख्या कम हुई है। वर्ष 2025 में 5,495 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।


