मुंबई वार्ता संवाददाता

धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) प्राधिकरण ने माटुंगा स्थित रेलवे भूमि पर बसे कई झुग्गी बस्तियों के निवासियों को घर खाली करने का सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। यह कदम मानसून से पहले और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पूर्व इलाके को खाली कराकर पुनर्वास परियोजनाओं के निर्माण को गति देने के उद्देश्य से उठाया गया है।


नोटिस के दायरे में गणेश नगर-मेघवाड़ी, एसवीपी नगर, आजाद नगर ए, बी और सी, तथा कमला रमण नगर जैसे इलाके शामिल हैं। इन बस्तियों को “की-टू-की” पुनर्वास आवास परियोजना के लिए महत्वपूर्ण स्थान के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां धारावी के हजारों परिवारों को बसाया जाना है।
अधिकारियों के अनुसार, माटुंगा की यह रेलवे भूमि धारावी नोटिफाइड एरिया (DNA) में शामिल की गई है, ताकि यहां पुनर्वास इमारतों का निर्माण किया जा सके। हालांकि, मौजूदा बस्तियों की मौजूदगी के कारण चरणबद्ध तरीके से खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि समय पर इलाके को खाली कराने से एक साथ कई निर्माण कार्य शुरू किए जा सकेंगे, जिससे पुनर्वास आवासों का निर्माण तेजी से पूरा होगा और आसपास के क्षेत्रों में होने वाली असुविधा भी कम होगी।
सेक्टर-6 के तहत आने वाले इस माटुंगा क्षेत्र में करीब 11,000 आधुनिक आवास इकाइयों के निर्माण की योजना है। परियोजना के तहत पात्र निवासियों को 350 वर्ग फुट के फ्लैट दिए जाएंगे, जो कि मुंबई की अन्य झुग्गी पुनर्वास योजनाओं में मिलने वाले 300 वर्ग फुट के मानक से अधिक हैं।
वहीं, जो निवासी धारावी में ही पुनर्वास के लिए पात्र नहीं होंगे, उनके लिए मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में अलग से जमीन चिन्हित की गई है, जहां उन्हें हायर-परचेज (किराया-खरीद) मॉडल के तहत बसाया जाएगा।


