श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा आयोजित मुंबई अग्निशमन दल की वार्षिक अग्निकवायत (फायर ड्रिल) प्रतियोगिता 2026 का भव्य समापन भायखला स्थित मुख्यालय में हुआ। इस अवसर पर मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावडे ने अग्निशमन दल की पायाभूत सुविधाओं में संख्यात्मक और गुणात्मक वृद्धि करने पर जोर दिया।


महापौर ने कहा कि मुंबई अग्निशमन दल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दलों में से एक है, जो बदलती चुनौतियों के साथ अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर न केवल आग बुझाने बल्कि जनजागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास आराखड़ा 2034 के तहत नए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना और आधुनिक उपकरणों के जरिए दल को और मजबूत किया जाएगा।


कार्यक्रम की शुरुआत 14 अप्रैल 1944 को मुंबई बंदर में हुए ‘फोर्ट स्टिकीन’ जहाज विस्फोट में शहीद हुए 66 अग्निशमन जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। महापौर ने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “मुंबई कभी नहीं सोती, लेकिन मुंबईकर चैन से सोते हैं क्योंकि अग्निशमन दल हमेशा सतर्क रहता है।” उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि आग लगने के बाद उपाय करने के बजाय आग से बचाव के लिए सतर्क रहें, नियमित फायर ऑडिट कराएं और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य अग्निशमन सेवा के संचालक संतोष वारीक और प्रमुख अग्निशमन अधिकारी रवींद्र अंबुलगेकर भी उपस्थित थे।
प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी दक्षता, समन्वय और तत्परता का प्रदर्शन किया। विजेता टीमों को ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और सम्मानचिह्न प्रदान किए गए।
मुख्य परिणाम:
सर्वश्रेष्ठ टीम: फोर्ट अग्निशमन केंद्र
उत्कृष्ट फायरमैन: यंत्रचालक नितीन तुकाराम जाधव
फायर पंप ड्रिल प्रतियोगिता:
प्रथम: मुलुंड
द्वितीय: बीकेसी
तृतीय: मेमनवाड़ा
ट्रिपल एक्सटेंशन लैडर मोटर पंप ड्रिल:
प्रथम: फोर्ट
द्वितीय: भायखला
तृतीय: मरोळ
महिला वर्ग में भी फोर्ट और विक्रोली अग्निशमन केंद्रों ने शानदार प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि 1948 से आयोजित हो रही यह प्रतियोगिता अग्निशमन जवानों की शारीरिक क्षमता, साहस, टीमवर्क और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की तैयारी को परखने का महत्वपूर्ण माध्यम है।


