मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी घमासान के बीच मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर देश को बांटने और संविधान की मूल भावना पर हमला करने की कोशिश कर रही है।


वर्षा गायकवाड़ ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का काम कांग्रेस ने ही किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने मतदाता क्षेत्रों के पुनर्गठन (डिलिमिटेशन) की योजना बना रही है, जो देश की एकता के लिए खतरनाक है।


उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ 2023 में पारित हो चुका था, लेकिन यदि इसे 2024 के लोकसभा चुनाव में लागू किया जाता, तो आज संसद में लगभग 180 महिला सांसद दिखाई देतीं। उनके अनुसार भाजपा इस मुद्दे का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए गायकवाड़ ने सवाल उठाया कि अगर पार्टी सच में महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है, तो अब तक उसने कितनी महिलाओं को पार्टी अध्यक्ष बनाया है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में किसी महिला को सर्वोच्च पद क्यों नहीं दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ महिला सशक्तिकरण की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और पीड़ितों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि जनगणना और डिलिमिटेशन के नाम पर महिला आरक्षण लागू करने में जानबूझकर देरी की जा रही है।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे को गंभीरता से लागू करने की मांग की और इसे केवल राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल न करने की सलाह दी।


