मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में रहने वाले सभी लोगों को मराठी भाषा का ज्ञान होना चाहिए, इस विचार का समर्थन करते हुए बोरिवली के भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने सरकार के हालिया फैसले पर संतुलित रुख रखा है। उन्होंने कहा कि रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के निर्णय में Ola, Uber और Rapido जैसे ऐप-आधारित सेवाओं का उल्लेख न होना उचित नहीं है।उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, अन्यथा उसकी प्रभावी अमलवानी संभव नहीं है।उपाध्याय ने “सख्ती” शब्द का विरोध करते हुए कहा कि भाषा को प्रेम और धैर्य के साथ सिखाया जाना चाहिए।


उन्होंने सुझाव दिया कि जो चालक दिन-रात मेहनत कर मुंबई की रफ्तार बनाए रखते हैं, उन्हें मराठी सीखने के लिए सरकार को समय, अवसर और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि भाषा के नाम पर गरीबों के साथ हिंसा या मारपीट पूरी तरह अलोकतांत्रिक है और इसका कड़ा विरोध होना चाहिए।इस मुद्दे पर उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे सभी संबंधित यूनियनों से चर्चा कर उचित समाधान निकालेंगे।


उपाध्याय के अनुसार, उन्होंने बोरिवली में मुख्यमंत्री और राज्य की एक बड़ी यूनियन के अध्यक्ष शशांक राव के बीच बैठक भी करवाई थी, जिसमें इस विषय पर चिंता और सुझावों का ज्ञापन सौंपा गया।उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार जल्द ही सभी यूनियनों के साथ बैठक कर ऐसा समाधान निकालेगी जिससे मराठी भाषा विवाद का कारण न बने, बल्कि लोगों को जोड़ने का माध्यम बने।अंत में उन्होंने कहा कि मराठी भाषा को प्रेम से अपनाया जाएगा और आने वाले समय में मुंबई और महाराष्ट्र में मराठी का जयघोष जरूर गूंजेगा।


