श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई की महापौर रितू तावड़े एक बार फिर विवादों में आ गई हैं। इस बार मुद्दा है भायखला स्थित मेयर बंगले के नवीनीकरण पर होने वाला करोड़ों रुपये का खर्च। महापौर पद संभालने के बाद से ही वे लगातार किसी न किसी कारण से चर्चा में रही हैं, और अब यह नया मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।


मेयर निवास के नवीनीकरण के लिए करीब 2 करोड़ 94 लाख रुपये के खर्च का प्रस्ताव आगामी स्थायी समिति की बैठक में पेश किया गया है। इस प्रस्ताव के सामने आते ही विपक्ष और नागरिकों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। आरोप है कि महापौर के सुझाव पर जनता के पैसे का अनावश्यक उपयोग किया जा रहा है।


भायखला के रानी बाग परिसर में स्थित यह एकमंजिला कौलारू (टाइल्ड) और सागवान लकड़ी से बना पुराना बंगला है। प्रस्तावित कार्यों में फर्नीचर की पूरी मरम्मत, सभी शौचालयों का नवीनीकरण, ग्राउंड फ्लोर पर अतिरिक्त बेडरूम का निर्माण और फर्श का नवीनीकरण शामिल है।
दिलचस्प बात यह है कि यह बंगला पिछले चार-पांच वर्षों से बंद पड़ा है। पहले मुंबई के महापौर का आधिकारिक निवास दादर के शिवाजी पार्क इलाके में था, जहां अब बालासाहेब ठाकरे का स्मारक बनाया जा रहा है। इसी कारण मेयर का आधिकारिक निवास भायखला के इस ऐतिहासिक बंगले में स्थानांतरित किया गया है।
बताया जाता है कि यह बंगला ब्रिटिश काल में करीब 1931 के आसपास बनाया गया था। अब इसके नवीनीकरण पर होने वाले खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह जरूरी है या फिर यह सार्वजनिक धन का दुरुपयोग है।


