मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन – SIR) का काम शुरू हो गया है। यह अभियान मुंबई शहर और मुंबई उपनगर जिलों में चलाया जा रहा है। इसी के साथ जल्द ही जनगणना कार्य भी शुरू होने वाला है। इन दोनों महत्वपूर्ण कार्यों से इंजीनियरों और वास्तुशास्त्रियों को बाहर रखने की मांग जोर पकड़ रही है।


मुंबई महानगरपालिका के लगभग 7000 कर्मचारियों को इस पुनरीक्षण कार्य में लगाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न विभागों से इंजीनियरों की भी नियुक्ति की गई है। इस पर आपत्ति जताते हुए बृहन्मुंबई म्युनिसिपल इंजिनियर्स यूनियन ने पालिका आयुक्त आश्विनी भिडे को पत्र लिखकर इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स को इस कार्य से मुक्त करने की मांग की है।
संघटना के कार्याध्यक्ष साईनाथ राजाध्यक्ष और सरचिटणीस यशवंत धुरी ने पत्र में कहा है कि मुंबई महानगरपालिका में करीब साढ़े चार हजार इंजीनियर और आर्किटेक्ट्स कार्यरत हैं, जबकि लगभग 50% पद अभी भी खाली हैं। ऐसे में बचे हुए इंजीनियरों पर पहले से ही अतिरिक्त काम का बोझ है।
उन्होंने यह भी बताया कि पानी आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, सड़क निर्माण और मरम्मत जैसे अत्यावश्यक नागरी कार्य इंजीनियरों की जिम्मेदारी में आते हैं। यदि उन्हें चुनाव और जनगणना कार्यों में लगाया जाता है, तो शहर की मूलभूत सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
इसलिए संघटना ने मांग की है कि इंजीनियरों की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें चुनावी कार्यों से अलग किया जाए और संबंधित विभागों को इस संबंध में निर्देश जारी किए जाएं।
■कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों से काम लेने का सुझाव
संघटना ने यह भी सुझाव दिया है कि जनगणना और मतदाता सूची अपडेट जैसे कार्यों के लिए अस्थायी रूप से कंत्राटी (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। इससे इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स को उनके मूल तकनीकी कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में इससे पहले वर्ष 2002 में विशेष सघन पुनरीक्षण किया गया था। मतदाता सूची में स्थानांतरण, डुप्लीकेट नाम, मृत मतदाता या विदेशी नागरिकों की अवैध प्रविष्टियों को सुधारने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक मानी जाती है। इसी क्रम में वर्तमान में SIR अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 2002 की मतदाता सूची के डेटा को 2024 की सूची से मिलाकर BLO ऐप के माध्यम से मैपिंग की जा रही है।
■ 1 मई से शुरू होगी जनगणना
मुंबई में जनगणना का पहला चरण 1 से 15 मई 2026 के बीच ‘स्व-गणना’ के रूप में किया जाएगा। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक घर सूचीकरण और घर-घर गणना का कार्य पूरा किया जाएगा।


