श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई महानगरपालिका ने शहर की बढ़ती पानी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गारगाई पानी परियोजना को गति देने के लिए स्थायी समिति और महापालिका सभागार में मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस प्रस्ताव के दौरान विपक्ष ने पर्यावरणीय मुद्दों को उठाते हुए इसका विरोध किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नगरसेवक नितेश सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में “मुंबई 3A” परियोजना के तहत मध्य वैतरणा पानी परियोजना उनके ही शासनकाल में पूरी हुई थी, जिसमें लगभग 1.87 लाख पेड़ों की कटाई की गई थी। उस समय विपक्ष का पर्यावरण प्रेम कहां था?


वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान नितेश सिंह ने मुंबई में गहराते जल संकट को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शहर में उपलब्ध पानी वर्तमान जरूरतों के लिए अपर्याप्त साबित हो रहा है और मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ता अंतर एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां कुछ लोग भविष्य में पानी को लेकर युद्ध की बात करते हैं, वहीं उन्हें अभी से इसकी कमी का डर सताने लगा है।
कुर्ला क्षेत्र की समस्या को उठाते हुए उन्होंने बताया कि उनके अपने घर में भी टैंकर से पानी मंगाने की नौबत आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्थिति के पीछे टैंकर माफिया का बड़ा हाथ है और मुंबई में लगभग 30 प्रतिशत जल कनेक्शन अवैध हैं। उनके अनुसार, यदि इन अवैध कनेक्शनों को हटाया जाए तो करीब 700 मिलियन लीटर पानी की बचत हो सकती है, लेकिन महापालिका के अधिकारी इस दिशा में कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
उन्होंने जल अभियंता विभाग के अधिकारियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे एसी कार्यालयों में बैठकर केवल आश्वासन देते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
टैंकर माफिया पर रोक लगाने के लिए उन्होंने अवैध जल कनेक्शनों को तुरंत तोड़ने की मांग की। साथ ही सुझाव दिया कि यदि ऐसा करना संभव नहीं है, तो इन कनेक्शनों को वैध कर दिया जाए, ताकि उससे मिलने वाला राजस्व महापालिका के खजाने में जमा हो सके।
इसके अलावा, उन्होंने मुंबई के कुओं का सर्वेक्षण कराने का प्रस्ताव भी रखा। उनका कहना था कि झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में मौजूद कुओं की जांच की जानी चाहिए और यदि उनका पानी प्रदूषण मुक्त पाया जाता है, तो वहां आरओ प्लांट लगाकर उसे पीने योग्य बनाकर उपयोग में लाया जा सकता है।


