■ मिलीभगत का आरोप, स्टैंडिंग कमेटी में पेश होगा प्रस्ताव
मुंबई वार्ता संवाददाता

मुलुंड से भाजपा विधायक मिहिर कोटेचा ने मनपा (BMC) अस्पतालों में हाउसकीपिंग कॉन्ट्रैक्ट के लिए जारी टेंडर में 45 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने इस टेंडर को रद्द करने और मामले की जांच की मांग की है।


कोटेचा ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत हुई है और BMC के हेल्थ विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने BMC आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
बुधवार को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए पेश किया जाना है। उससे पहले ही भाजपा नेता ने इस मामले को उठाकर टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


■ 20% कम रेट पर कोट, फिर भी संदेह
टेंडर में सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी ‘ओरा एफएमएस प्राइवेट लिमिटेड’ बताई जा रही है, जिसने 20% कम दर पर कोट किया है। कंपनी ने वर्कर्स और सुपरवाइजर के लिए ग्रेच्युटी, सर्विस चार्ज और सेफ्टी इक्विपमेंट जैसी जरूरी चीजों के लिए भी ‘जीरो रेट’ दिखाया है।
हालांकि, टेंडर नियमों के अनुसार न्यूनतम राशि (मिनिमम अमाउंट) दिखाना जरूरी होता है। कोटेचा ने कहा कि टेंडर फॉर्म में जरूरी खर्चों को शून्य दिखाना नियमों के खिलाफ है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डिसइन्फेक्टेंट, डिटर्जेंट, साबुन, ब्रश और झाड़ू जैसे रोजमर्रा के हाइजीन उपकरणों के लिए भी शून्य दर दिखाई गई है, जो संदेह पैदा करता है।
■ मंजूरी से पहले ही वर्कर्स की तैनाती का आरोप
कोटेचा ने यह भी आरोप लगाया कि स्टैंडिंग कमेटी से मंजूरी मिलने से पहले ही कंपनी ने अस्पतालों में वर्कर्स की तैनाती शुरू कर दी थी।
उन्होंने कहा कि 41 लाख स्क्वेयर फीट क्षेत्र में 800 बेड वाले अस्पतालों में बिना पर्याप्त सैनिटेशन सामग्री और बिना उचित कॉस्ट के काम शुरू करना नियमों का उल्लंघन है।
■ ‘बिना मुनाफे का कॉन्ट्रैक्ट’ सवालों के घेरे में
कोटेचा ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि 266 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट में कंपनी एक रुपये का भी मुनाफा नहीं दिखा रही है, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं लगता।
उन्होंने मांग की कि पूरे टेंडर प्रोसेस की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।


