■ ‘शक्ति’ कानून लागू करने और पूर्णकालिक गृहमंत्री की मांग।
मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

राज्य में बढ़ती महिला अत्याचार की घटनाओं पर चिंता जताते हुए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड ने राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को कड़े निर्णय लेकर प्रभावी अमल करना चाहिए और दोषियों में कानून का भय पैदा होना जरूरी है।


नसरापूर में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए गायकवाड ने कहा कि यह घटना अत्यंत दर्दनाक और आक्रोश पैदा करने वाली है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य के विभिन्न हिस्सों—मुंबई, ठाणे, पुणे, नाशिक समेत अन्य क्षेत्रों—में लगातार सामने आ रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि महिलाएं और बच्चियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।
पत्र में उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र, जो कभी कानून-व्यवस्था के लिए अग्रणी माना जाता था, अब महिला अत्याचार के मामलों में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। मुंबई जैसे महानगर में भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 12.8% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें बलात्कार, छेड़छाड़ और POCSO से जुड़े मामले शामिल हैं।


गायकवाड ने यह भी कहा कि राज्य में हजारों महिलाएं और बच्चियां लापता हो रही हैं, जबकि कई मामलों में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई अपर्याप्त नजर आती है। उन्होंने ‘लाडकी बहिण’ जैसे नारे और वास्तविक स्थिति के बीच विरोधाभास पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने महाविकास आघाड़ी सरकार द्वारा पारित ‘शक्ति’ कानून को तत्काल लागू करने की मांग दोहराई, जिसमें दोषियों को 21 दिनों के भीतर फांसी की सजा देने का प्रावधान है। यह कानून पिछले तीन वर्षों से केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए लंबित है।
इसके साथ ही गायकवाड ने राज्य में पूर्णकालिक गृहमंत्री नियुक्त करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री के पास कई महत्वपूर्ण विभाग होने के कारण गृह विभाग पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
अंत में उन्होंने राज्यपाल से अपील की कि वे इस गंभीर मुद्दे पर व्यक्तिगत ध्यान देकर महिला सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने में सरकार को निर्देशित करें।


