मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में इस वर्ष 1 मार्च से 9 मई के बीच हीट स्ट्रोक के कम से कम 236 मामले सामने आए हैं, जबकि संदिग्ध हीट स्ट्रोक से छह लोगों की मौत दर्ज की गई है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर जिले में सबसे अधिक 86 मरीज मिले हैं।


सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में भी अत्यधिक गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन, उल्टी और सिरदर्द जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
राज्य सरकार वर्ष 2019 से नेशनल प्रोग्राम ऑन क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ (NPCCHH) के तहत हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों का जिला-वार डेटा संकलित और मॉनिटर कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल से जारी भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति के कारण गर्मी से संबंधित बीमारियों में तेजी से वृद्धि हुई है। मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के कई जिलों में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 9 मई तक दर्ज छह संदिग्ध मौतों में से लातूर की एक मौत की पुष्टि हीट स्ट्रोक से हुई है, जबकि बाकी पांच मामलों की जांच जारी है। जांच के दायरे में आने वाले मामलों में दो मौतें अहिल्यानगर तथा एक-एक मौत अकोला, लातूर और सोलापुर से दर्ज की गई हैं।
अधिकारियों ने लोगों को दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में रहने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और गर्मी से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी है।


