■ ड्रग्स माफिया आरिफ भुजवाला को 15 साल की कैद।
■ ड्रग्स माफिया चिंकू पठान को 5 साल की कैद।
श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को संगठित सिंथेटिक ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एनसीबी की मुंबई जोनल यूनिट ने मेफेड्रोन (एमडी), मेथामफेटामाइन और प्रतिबंधित रसायनों की तस्करी से जुड़े हाई-प्रोफाइल एनडीपीएस मामले में पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा दिलाई है। मामले में अवैध हथियार रखने और ड्रग्स से अर्जित धन के मनी लॉन्ड्रिंग का भी खुलासा हुआ है।


विशेष एनडीपीएस अदालत, ठाणे ने 19 मई 2026 को मुख्य आरोपी मोहम्मद आरिफ याकूब भुजवाला (चिंचबंदर, मुंबई निवासी) को 15 वर्ष के कठोर कारावास और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं परवेज नसिरुल्लाह खान उर्फ “चिंकू पठान”, मोहम्मद सलमान खान और विक्रांत जैन को 5-5 वर्ष की सजा तथा 50-50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। एक अन्य आरोपी हारिस फैजुल्लाह खान को 1 वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।


यह मामला 20 जनवरी 2021 को सामने आया था, जब एनसीबी मुंबई ने खुफिया जानकारी के आधार पर नवी मुंबई के घनसोली क्षेत्र में छापेमारी कर कुख्यात ड्रग तस्कर परवेज खान उर्फ “चिंकू पठान” को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 52.2 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी), एक अवैध पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस, 12,500 रुपये नकद तथा लगभग 3.57 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए थे।


जांच में खुलासा हुआ कि जब्त ड्रग्स की सप्लाई मोहम्मद आरिफ भुजवाला द्वारा की जा रही थी, जो चिंचबंदर क्षेत्र से संगठित सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क संचालित कर रहा था। इसके बाद एनसीबी ने कई ठिकानों पर छापेमारी की। चिंचबंदर स्थित नूर मंजिल में की गई कार्रवाई में 5.375 किलोग्राम मेफेड्रोन, 990 ग्राम मेथामफेटामाइन और 6.126 किलोग्राम एफेड्रिन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में किया जाता है।
एनसीबी को यहां से 2.18 करोड़ रुपये नकद, एक और अवैध हथियार, पैकेजिंग सामग्री, वजन मापने की मशीनें, सीलिंग उपकरण, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी मिले। जांच में पता चला कि यह ठिकाना ड्रग्स के भंडारण और प्रोसेसिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
आगे की जांच में मोहम्मद सलमान खान की भूमिका भी सामने आई, जो स्थानीय स्तर पर ड्रग्स की सप्लाई करता था। उसके ठिकाने से 10.5 ग्राम मेफेड्रोन, पैकिंग सामग्री और वितरण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद हुए।
वहीं विक्रांत जैन उर्फ “विक्की जैन” ड्रग्स कारोबार को आर्थिक सहायता पहुंचाने का काम करता था। भिवंडी स्थित उसके ठिकाने से 52.8 ग्राम मेफेड्रोन, रजनीगंधा और तंबाकू उत्पादों में मिलाया गया नशीला पदार्थ तथा बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए गए।
एनसीबी ने जांच के दौरान “बॉटम-टू-टॉप” और “नेटवर्क-सेंट्रिक” रणनीति अपनाते हुए पूरे ड्रग नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा। तकनीकी विश्लेषण, मानव खुफिया जानकारी और वित्तीय जांच के जरिए नेटवर्क के मुख्य संचालकों, सप्लायर्स, वितरकों और फाइनेंसरों की पहचान की गई।
वित्तीय जांच के तहत एनसीबी ने ड्रग्स कारोबार से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त किया। SAFEMA कानून के तहत परवेज खान उर्फ “चिंकू पठान” की 1.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की दो चल और तीन अचल संपत्तियां अटैच की गईं। वहीं आरिफ भुजवाला से जुड़े 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की आठ चल और चार अचल संपत्तियां भी जब्त की गईं। कुल मिलाकर 6.5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
एनसीबी ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता है। एजेंसी ने भविष्य में भी खुफिया और वित्तीय जांच आधारित अभियान जारी रखने की बात कही है।


