■ बकरीद से पहले मुंबई में अवैध कुर्बानी पर विवाद तेज, भाजपा नेता संजय उपाध्याय की सख्त चेतावनी
मुंबई वार्ता संवाददाता

बकरीद के त्योहार से पहले मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों और रिहायशी इलाकों में जानवरों की कथित अवैध कुर्बानी को लेकर सियासत और विवाद तेज हो गया है। भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक संजय उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अवैध रूप से गाय काटने का जवाब सूअर काटने से देने की चेतावनी दी है।


संजय उपाध्याय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और प्रशासन द्वारा जारी नियमों के अनुसार हाउसिंग सोसायटियों, सार्वजनिक स्थानों और रिहायशी चालों में जानवरों की कुर्बानी या हत्या की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर अवैध तरीके से जानवरों को सोसायटियों में ला रहे हैं और वहां कुर्बानी की तैयारी कर रहे हैं।


उन्होंने आरोप लगाया कि रिक्शा और टैक्सी के जरिए चोरी-छिपे जानवरों की आवाजाही कर उन्हें सोसायटियों में रखा जा रहा है। उपाध्याय ने कहा कि ऐसे मामलों से कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है, इसलिए प्रशासन को पहले से ही कड़ी निगरानी रखनी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नेता ने तीखी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नियमों का पालन नहीं किया गया तो विरोध के लिए वे भी “सूअर लाने” जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
उन्होंने कहा,,“अगर आपको सीधे-सीधे बात समझ में नहीं आती, तो उसका जवाब देने के लिए हमें सोसायटी में सूअर लाना पड़े तो मजबूर करोगे तो सूअर लाएंगे। लेकिन हाउसिंग सोसायटियों में अवैध तरीके से जानवरों की हत्या और कत्ल हम रुकवाकर रहेंगे।”
संजय उपाध्याय ने महाराष्ट्र सरकार की गोवंश संरक्षण नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गाय को “राज्यमाता” का दर्जा दिया है और गोवंश हत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गोवंश हत्या में शामिल आदतन अपराधियों के खिलाफ मकोका (MCOCA) जैसे सख्त कानून लगाने की बात कही है। उपाध्याय ने दावा किया कि उनकी मांग पर बदलापुर में बार-बार गोवंश हत्या के मामलों में शामिल आरोपियों पर मकोका के तहत कार्रवाई भी की जा चुकी है।
भाजपा नेता संजय उपाध्याय ने मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) प्रशासन से अपील की कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, तनाव या कानून व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए प्रशासन को सतर्क रहना होगा।


