मुंबई वार्ता संवाददाता

नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक सार्वजनिक शौचालय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने ‘पे एंड यूज’ सार्वजनिक शौचालयों का संचालन करने वाली संस्थाओं को सुविधाओं का स्तर सुधारने के लिए तीन महीने का समय दिया है। निर्धारित अवधि में आवश्यक सुधार नहीं करने वाली संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


उत्तर मुंबई के सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति की समीक्षा के लिए शनिवार को परिमंडल-7 कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बीएमसी के सभागृह नेता गणेश खणकर ने की। बैठक में उप आयुक्त (घनकचरा व्यवस्थापन) किरण दिघावकर, उप आयुक्त (परिमंडल-7) मनीष वळंजू, नगरसेवक सिद्धांत शर्मा, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में पाया गया कि कई सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता, रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं के स्तर में सुधार की आवश्यकता है। इसके मद्देनजर सभी संचालकों को अगले तीन महीनों के भीतर टूटे हुए कमोड, फिटिंग्स और अन्य उपकरण बदलने, क्षतिग्रस्त दरवाजों और खिड़कियों की मरम्मत करने, खराब टाइल्स व क्लैडिंग ठीक करने, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण करने तथा स्वच्छता मानकों में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएमसी ने सभी सार्वजनिक शौचालयों में नागरिक फीडबैक प्रणाली लागू करना, हर घंटे सफाई का रिकॉर्ड रखना, सप्ताह में कम से कम एक बार गहन सफाई अभियान चलाना और दुर्गंध नियंत्रण के लिए ‘गंधवेध’ नामक आईओटी आधारित दुर्गंध निगरानी प्रणाली स्थापित करना भी अनिवार्य कर दिया है।
संबंधित सहायक आयुक्तों को सभी संस्थाओं को नोटिस जारी कर सुधार कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि तीन महीने की अवधि में अपेक्षित सुधार नहीं करने वाली संस्थाओं के अनुबंध निलंबित या रद्द किए जा सकते हैं और उनकी जगह नई संस्थाओं की नियुक्ति की जाएगी।
बैठक में कहा गया कि यह अभियान सार्वजनिक शौचालयों की गुणवत्ता बढ़ाने और नागरिकों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित तथा सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।


