मुंबई वार्ता संवाददाता

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में मुंबई कांग्रेस 1 और 2 जून को शहर के सभी जिलों में आंदोलन करेगी। यह जानकारी मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस ने दी।


राजहंस ने आरोप लगाया कि ईरान-इजरायल युद्ध का हवाला देकर केंद्र की मोदी सरकार देश की जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 दिनों में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ा है। कांग्रेस की मांग है कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के बढ़ाए गए दाम तत्काल वापस लिए जाएं।
उन्होंने बताया कि मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में 1 और 2 जून को मुंबई के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
राजहंस ने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने पेट्रोल 35 रुपये प्रति लीटर देने का दावा किया था, लेकिन आज ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उनके अनुसार, केंद्र सरकार की नीतियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है और ईंधन संकट तथा मूल्यवृद्धि सरकार की विफलता को दर्शाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का पूरा बोझ जनता पर डाला जा रहा है, जबकि बड़े उद्योगपतियों को राहत दी जा रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आम जनता महंगाई से परेशान है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है।
मुंबई कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


