मुंबई वार्ता संवाददाता

कांदा (प्याज) उत्पादक किसानों के मुद्दे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने नवनाथ बन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और मुंबई युवक अध्यक्ष एडवोकेट अमोल मातेले ने कहा कि नवनाथ बन ने शरद पवार पर जो टिप्पणी की है, वह आधे-अधूरे तथ्यों पर आधारित और केवल राजनीतिक प्रचार के उद्देश्य से की गई है।


मातेले ने कहा कि शरद पवार के कृषि मंत्री रहते किसानों को कितनी बार समर्थन मूल्य मिला, यह सवाल उठाने से पहले नवनाथ बन को अपनी राजनीतिक नेतृत्व से पूछना चाहिए कि हाल के वर्षों में प्याज निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के फैसले किसने लिए और जब प्याज के दाम गिरने से किसान संकट में थे, तब सरकार क्या कर रही थी।
उन्होंने कहा कि किसानों के हितों के लिए संघर्ष करने वाले नेतृत्व पर सवाल उठाना आसान है, लेकिन किसानों के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाना और नीतिगत फैसले लेना मजबूत नेतृत्व की पहचान होती है। शरद पवार का कृषि क्षेत्र में योगदान देश के किसान कभी नहीं भूल सकते।
एनसीपी नेता ने आगे कहा कि यदि नवनाथ बन वास्तव में प्याज उत्पादक किसानों की चिंता करते हैं, तो उन्हें उत्पादन लागत, निर्यात नीति, भंडारण व्यवस्था और बाजार में गिरते दामों जैसे मुद्दों पर सरकार की विफलताओं पर भी उतनी ही मजबूती से सवाल उठाने चाहिए।
मातेले ने कहा कि किसान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं, बल्कि देश के अन्नदाता हैं। इसलिए किसानों की पीड़ा का इस्तेमाल सस्ती राजनीति के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर चर्चा के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पूरी तरह तैयार है।


