मुंबई वार्ता संवाददाता

किसानों ने खून-पसीना एक कर बड़ी मेहनत से उगाया हुआ प्याज आज कौड़ियों के भाव बेचने को मजबूर हैं। प्याज को प्रति किलो दो रुपये का भाव भी नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण प्याज उत्पादक किसान बर्बाद हो गया है। प्याज को 3000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव तथा किसानों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी और महाविकास आघाड़ी लगातार संघर्ष करती रहेगी, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


प्याज को 3000 रुपये प्रति क्विंटल का गारंटी मूल्य दिया जाए, कम कीमत पर बेचे गए प्याज पर अनुदान दिया जाए तथा किसानों का पूरा प्याज नाफेड के माध्यम से खरीदा जाए, इन विभिन्न मांगों को लेकर आज महाविकास आघाड़ी ने पुणे जिले के आंबेगांव तालुका में पुणे-नासिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन किया। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू होने के बावजूद हजारों किसान सड़क पर उतर आए थे।


इस आंदोलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे, विधायक रोहित पवार, सांसद निलेश लंके, विधायक बापूसाहेब पठारे, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक बाबाजी काले, पूर्व विधायक अशोक पवार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के पुणे जिलाध्यक्ष देवदत्त निकम सहित महाविकास आघाड़ी के विभिन्न घटक दलों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
इस अवसर पर बोलते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि बढ़ती महंगाई, कृषि उत्पादन की बढ़ी हुई लागत और कृषि उपज को उचित मूल्य न मिलने के कारण राज्य का किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया है। विशेष रूप से प्याज उत्पादक किसान भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। बाजार में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट आने से किसानों को उत्पादन लागत भी नहीं मिल पा रही है। सरकार ने प्याज की सरकारी खरीद की घोषणा तो की है, लेकिन अभी तक वास्तविक खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
हमारी स्पष्ट मांग है कि प्याज की खरीद कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी) के माध्यम से ही की जाए। खरीद प्रक्रिया में व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के बजाय किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और उन्हें उचित गारंटी मूल्य दिया जाना चाहिए। किसान संकट में हैं, लेकिन सरकार से अपेक्षित सहायता नहीं मिल रही है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नाराजगी है।किसानों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी और पूरी महाविकास आघाड़ी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। प्याज उत्पादक किसानों को उचित गारंटी मूल्य और राहत मिलने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने स्पष्ट किया।


