मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई महानगरपालिका के वार्ड क्रमांक-1 से निर्वाचित शिवसेना (शिंदे) की नगरसेविका रेखा यादव पर कांग्रेस की पूर्व नगरसेविका शीतल म्हात्रे ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि रेखा यादव फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव जीतकर आई हैं और उनके पास दो राशन कार्ड तथा दो राज्यों के तीन मतदाता पहचान पत्र हैं।


महापालिका मुख्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में शीतल म्हात्रे ने कहा कि इस मामले की शिकायत उन्होंने महापालिका आयुक्त अश्विनी भिडे और पुलिस आयुक्त से की है। उन्होंने मांग की कि मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर दोनों राशन कार्ड रद्द किए जाएं।
म्हात्रे ने आरोप लगाया कि एल.टी. रोड चौड़ीकरण पुनर्वसन योजना के तहत मुफ्त आवास प्राप्त करने के लिए रेखा यादव ने शपथपत्र देकर यह दावा किया था कि उनके या उनके पति के नाम कोई संपत्ति नहीं है। जबकि वास्तविकता इससे अलग है और कथित तौर पर झूठा शपथपत्र देकर परियोजना प्रभावितों के लिए आरक्षित आवास का लाभ लिया गया।
उन्होंने मांग की कि एक से अधिक मतदाता पंजीकरण के मामले में अपराध दर्ज कर प्रकरण भारत निर्वाचन आयोग और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाए। साथ ही कथित रूप से गलत जानकारी के आधार पर प्राप्त महापालिका पुनर्वसन आवास का लाभ रद्द कर वसूली और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम, 1949 के तहत रेखा यादव के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई शुरू करने की भी मांग की गई।
शीतल म्हात्रे ने दावा किया कि यह केवल आरोप नहीं हैं, बल्कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर लगाए गए हैं।
वहीं, शिवसेना (शिंदे) की नगरसेविका रेखा यादव ने कहा कि यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। सभी दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और वह इस विषय पर न्यायालय में ही अपना पक्ष रखेंगी।


