मुंबई वार्ता संवाददाता

शहर में अवैध पार्किंग पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और ट्रैफिक पुलिस ने सार्वजनिक पार्किंग स्थलों (पीपीएल) को आधुनिक बनाने और उनके आसपास नो-पार्किंग क्षेत्रों के लिए विशेष रंग-कोडिंग प्रणाली लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। पिछले पंद्रह दिनों में ट्रैफिक पुलिस ने पार्किंग नियमों के उल्लंघन के मामलों में 84 हजार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की है।


हाल ही में ट्रैफिक पुलिस आयुक्त सत्य नारायण और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह चिंता जताई गई कि शहर के 37 सार्वजनिक पार्किंग स्थलों में उपलब्ध 30 हजार से अधिक पार्किंग स्थानों का पर्याप्त उपयोग नहीं हो रहा है। बीएमसी के मुख्य अभियंता (सड़क एवं यातायात) एम. स्वामी ने बताया कि पार्किंग स्थलों के आसपास के प्रभाव क्षेत्र में सड़क किनारे पार्किंग रोकने और वाहन चालकों को पीपीएल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएमसी और ट्रैफिक पुलिस एक प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, जिसके तहत सार्वजनिक पार्किंग स्थलों के आसपास फुटपाथ के किनारों को पारंपरिक पीले-काले रंग के बजाय लाल-काले रंग से रंगा जाएगा, ताकि इन क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से नो-पार्किंग जोन के रूप में चिन्हित किया जा सके। यह प्रस्ताव दादर स्थित कोहिनूर पब्लिक पार्किंग लॉट के आसपास लगातार हो रही सड़क किनारे पार्किंग की शिकायतों के बाद सामने आया है, जबकि बहुमंजिला पार्किंग सुविधा के भीतर पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहता है।
पिछले दो महीनों में बीएमसी ने सार्वजनिक पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया, जिसमें खराब रखरखाव, संचालन संबंधी खामियां और दुरुपयोग जैसी समस्याएं सामने आईं। सत्य नारायण ने कहा कि कई पार्किंग स्थलों में उपयोग क्षमता 50 प्रतिशत या उससे भी कम है। कई वाहन चालकों को इन सुविधाओं की जानकारी नहीं है, जबकि अपर्याप्त रोशनी और पानी के रिसाव जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं।
निरीक्षण के दौरान कुछ निजी ऑपरेटरों द्वारा अनधिकृत कब्जे के मामले भी पाए गए। एम. स्वामी के अनुसार, संचालन और रखरखाव करने वाली एजेंसियों पर कई मामलों में एक-एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है, जबकि गंभीर अनियमितताओं के मामलों में इससे अधिक दंड भी लगाया गया। पिछले दो महीनों में कुल जुर्माना राशि 40 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
पार्किंग सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे, प्रकाश व्यवस्था में सुधार किया जाएगा, पार्किंग वार्डन तैनात किए जाएंगे और स्पष्ट संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से वाहन चालकों को वास्तविक समय में पार्किंग स्थलों की उपलब्धता की जानकारी भी दी जाएगी।
मुंबई मोबिलिटी फोरम के कार्यकर्ता ए.वी. शेनॉय ने कहा कि केवल नो-पार्किंग उल्लंघन पर जुर्माना लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, जब तक वाहन चालकों को बेहतर और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध नहीं कराए जाते। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व बीएमसी आयुक्त प्रवीण परदेशी ने सार्वजनिक पार्किंग स्थलों के पास सड़क पर वाहन खड़ा करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की पहल की थी, लेकिन बाद में यह व्यवस्था बंद कर दी गई थी।


