मुंबई वार्ता संवाददाता

पालघर जिला कलेक्टर के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर एक स्थानीय निवासी से 50 हजार रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया है। साइबर पुलिस ने आरोपियों से ठगी गई पूरी रकम भी बरामद कर ली है।


पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने शुक्रवार को बताया कि 17 मई को वागुलसर निवासी शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला, जिसमें खुद को पालघर की जिला कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ बताकर 50 हजार रुपये तत्काल एक बैंक खाते में भेजने का अनुरोध किया गया था।
आरोपी ने व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो पर जिला कलेक्टर की तस्वीर लगाई थी, जिससे शिकायतकर्ता को विश्वास हो गया और उसने बताए गए बैंक खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 और 319 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के डिजिटल सुराग झारखंड तक पहुंचाए। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने धनबाद जिले में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलवंत कुमार कमल प्रसाद मंडल और राजुकुमार दुखन रवानी के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से ठगी गई पूरी 50 हजार रुपये की राशि जब्त कर ली है।
पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और साइबर अपराधियों के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।


