मुंबई वार्ता संवाददाता

मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र गलत तरीके से रद्द कर भाजपा और चुनाव आयोग ने राज्यसभा की सीट हासिल कर ली। लेकिन जिस नोटिस के आधार पर उनका नामांकन पत्र खारिज किया गया था, उसी नोटिस को अब तेलंगाना की अदालत ने रद्द कर दिया है। अब मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनाव रद्द कर पुनः चुनाव कराया जाए तथा नटराजन का नामांकन पत्र रद्द कर उनका चुनाव लड़ने का अधिकार छीनने वाले निर्वाचन अधिकारी पर क्या कार्रवाई की जाएगी? यह सवाल कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उठाया है।


तिलक भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, चुनाव आयोग की मदद से वोट चोरी करते-करते अब सीट चोरी भी करने लगी है, जिसका उदाहरण मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनाव में देखने को मिला है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इस आधार पर रद्द किया गया कि उन्होंने जानकारी छिपाई थी, लेकिन जिस फॉर्म-26 के आधार पर यह आरोप लगाया गया, उसके संबंधित पृष्ठ पर ऐसी किसी जानकारी के लिए कोई कॉलम ही नहीं है, तो वह जानकारी आखिर दी कैसे जा सकती थी? यह बड़ा सवाल है।


कांग्रेस ने इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने के कारण न्यायालय ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। वास्तव में जिस नोटिस के आधार पर कार्रवाई की गई थी, वह नोटिस ही गलत थी और उसका मीनाक्षी नटराजन से कोई संबंध नहीं है, यह स्पष्ट करते हुए तेलंगाना की अदालत ने उसे रद्द कर दिया है। यदि भाजपा में थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो उसे पुनः चुनाव कराना चाहिए, ऐसा भी सपकाल ने कहा।
भाजपा-महायुति सरकार द्वारा घोषित किसान कर्जमाफी योजना भ्रामक है और उसकी कठोर शर्तों के कारण लाखों किसान इसके लाभ से वंचित रह जाएंगे। इसलिए संपूर्ण कर्जमाफी कर किसानों का सात-बारा (भूमि अभिलेख) कर्जमुक्त किया जाए, इस मांग को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने पंढरपुर में अनशन शुरू किया है। कांग्रेस पार्टी उनके इस आंदोलन का समर्थन करती है। उनकी मांगें उचित हैं और सरकार को उन्हें स्वीकार करना चाहिए। मैं स्वयं भी रोहित पवार के अनशन स्थल पर जाकर अनशन करूंगा, ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।
इस पत्रकार परिषद में वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अनंत गाडगील भी उपस्थित थे।


