मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (प्रकटीकरण) ने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच की कक्ष-9 टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस लिखी प्लेट लगी एक टाटा पंच कार और फर्जी सरकारी पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं।


पुलिस के अनुसार, कक्ष-9 को शिकायत मिली थी कि लगभग 54 वर्षीय एक व्यक्ति खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर सरकारी पहचान पत्र और पुलिस लिखी प्लेट लगी कार का इस्तेमाल करता था। आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बैंक से ऋण मंजूर कराने का झांसा देकर नागरिकों से पैसे ऐंठता था।शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मानवीय और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों का पता लगाया। सूचना मिली कि आरोपी अंधेरी स्थित द लीला होटल आने वाला है। इसके बाद 26 जून 2026 को जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से MH12 XH 9447 नंबर की पुलिस प्लेट लगी टाटा पंच कार भी जब्त की गई।
जांच में आरोपियों के पास से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नाम पर बनाए गए फर्जी सरकारी पहचान पत्र और अन्य नकली दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।इस संबंध में मुंबई के सहार पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 204, 209, 318(4), 319, 336(3), 337, 340 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाना, साकीनाका पुलिस थाना और खेरवाड़ी पुलिस थाना में धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण) राज तिलक रोशन तथा सहायक पुलिस आयुक्त दिनकर शेलवटे के मार्गदर्शन में कक्ष-1 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक गणेश पिसाल की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दी।


