मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई लोकल ट्रेन में हाल ही में हुई युवक की हत्या की घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने उपनगरीय रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। राज्य के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधानसभा में घोषणा की कि मुंबई लोकल नेटवर्क पर CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी, पुलिस गश्त तेज की जाएगी और हर स्टेशन पर आपातकालीन चिकित्सा कक्ष (इमरजेंसी मेडिकल रूम) स्थापित किया जाएगा।


विधानसभा में 23 जून को चर्चगेट-नालासोपारा लोकल ट्रेन के प्रथम श्रेणी डिब्बे में यात्री मयंक लोहार की चाकू मारकर हत्या के मामले पर विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव का जवाब देते हुए योगेश कदम ने कहा कि पुलिस ने CCTV फुटेज और फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से आरोपी को मात्र 15 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
■ CCTV और पुलिस निगरानी होगी मजबूत
योगेश कदम ने बताया कि रेलवे पुलिस करीब 20 पुलिस स्टेशनों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखती है। उन्होंने कहा कि रेलवे पुलिस आयुक्तालय में 4,175 स्वीकृत पद हैं और पुलिस बल की कमी का दावा सही नहीं है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क पर CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। सरकार का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करना है।
■ रोजाना 75 से 80 लाख यात्रियों का सफर
गृह राज्य मंत्री ने कहा कि मुंबई लोकल ट्रेनों में प्रतिदिन लगभग 75 से 80 लाख यात्री सफर करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की शारीरिक जांच करना संभव नहीं है। इसलिए रेलवे पुलिस खुफिया सूचना के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच करती है और ट्रेनों के डिब्बों में समय-समय पर अचानक निरीक्षण और रैंडम चेकिंग भी करती है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए CCTV निगरानी बढ़ाने और पुलिस पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया जाएगा।
■ हर स्टेशन पर मिलेगा तत्काल चिकित्सा उपचार
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर इमरजेंसी मेडिकल रूम स्थापित किया जाएगा, ताकि किसी भी दुर्घटना या आपराधिक घटना के दौरान घायल यात्रियों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था
योगेश कदम ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक 218 रेलवे सुरक्षा टीमें महिला डिब्बों की निगरानी करती हैं। इस दौरान प्रत्येक ट्रेन में चार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाती है।
■ अपराधियों पर कार्रवाई और ‘जीरो डेथ मिशन’
गृह राज्य मंत्री ने सदन को बताया कि इस वर्ष रेलवे पुलिस ने चोरी हुए करीब 4.36 करोड़ रुपये मूल्य के सामान को लगभग 56 हजार यात्रियों को वापस दिलाया है। इसके अलावा 303 अपराधियों और मादक पदार्थों से जुड़े 117 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि रेलवे पुलिस “जीरो डेथ मिशन” के तहत काम कर रही है। इस अभियान के अंतर्गत 63 दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की गई है, जहां वरिष्ठ अधिकारियों को निगरानी और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।


