श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

दक्षिण साइबर पुलिस थाना, अपराध शाखा, मुंबई ने फर्जी पहचान (Fake Identity) के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए महाराष्ट्र, बिहार और दिल्ली से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने एक कंपनी के निदेशक की व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो (डीपी) का दुरुपयोग कर कंपनी के कर्मचारी को झांसे में लेकर 10,40,71,924 रुपये की ठगी को अंजाम दिया था।


पुलिस के अनुसार, यह वारदात 3 जून से 15 जून 2025 के बीच हुई। आरोपियों ने कंपनी के निदेशक की फोटो लगाकर व्हाट्सएप के माध्यम से कर्मचारी से संपर्क किया और खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया। कर्मचारी ने इसे असली आदेश मानकर कंपनी के एचडीएफसी बैंक खाते से 63 अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 10,40,71,924 करोड़ रुपये आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।पीड़ित की शिकायत के आधार पर दक्षिण मुंबई साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।


पुलिस ने संबंधित बैंकों को तुरंत पत्र भेजकर खातों को फ्रीज कराया और तकनीकी व वित्तीय जांच के जरिए धन के प्रवाह का पता लगाया।जांच में सामने आया कि ठगी की रकम महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न बैंक खातों में भेजी गई थी। इसके बाद अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन कर कई राज्यों में छापेमारी की गई।जांच के दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र के जालना से ज्ञानेश्वर ठोके (22) को गिरफ्तार किया। उसके पास से डेबिट कार्ड, चेकबुक, पासबुक और सिम कार्ड बरामद किए गए। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते में ट्रांसफर हुए 9.60 लाख रुपये के मामले में बिहार के सीवान से बिंदुकुमार चंद्रमा भगत (45) को गिरफ्तार किया गया।
इसी तरह ठगी की रकम प्राप्त करने के आरोप में दिल्ली से विकास उदय बिंद (22), वंश सुमित मनोचा (22) और फैयाज शब्बीर हुसैन आलम (22) को गिरफ्तार किया गया। इन सभी को दिल्ली की तिहाड़ जेल से पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मुख्य साजिशकर्ता सहित अन्य आरोपियों की तलाश में उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही है।
■ बरामद सामान
दो मोबाइल फोन (स्मार्टफोन), एक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का पासबुक और एटीएम कार्ड
■ गिरफ्तार आरोपियों के नाम
1. ज्ञानेश्वर दरेभान ठोके (22), जालना, महाराष्ट्र
2. बिंदुकुमार चंद्रमा भगत (45), सीवान, बिहार
3. रंजन कुमार राजू खरवार(45), सीवान, बिहार
4. विकास उपेन्द्र बिंद (22), दिल्ली
5. वंश सुमित मनोचा (22), दिल्ली
6. फैयाज शब्बीर हुसैन आलम (22), दिल्ली
सह पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त बजरंग बनसोडे, सहायक पुलिस आयुक्त इरफान शेख के निर्देशानुसार उक्त कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नंद कुमार गोपाले की टीम ने की है।
■ पुलिस की अपील
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि फर्जी व्हाट्सएप डीपी, नकली शेयर मार्केट ऐप या ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर आने वाले किसी भी कॉल या संदेश पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी की तुरंत सूचना 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर दें।


