मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई के दिंडोशी पुलिस ने ₹10 लाख की कथित निवेश धोखाधड़ी के मामले में सेवानिवृत्त मुंबई पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के बेटे संजय कृष्णा जाधव को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद वह फरार चल रहा था। फिलहाल उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि उसके दो अन्य फरार साथियों की तलाश जारी है।


पुलिस के अनुसार, संजय जाधव ने अपने साथियों राहुल शैलू यमला और राजकुमार अय्यर के साथ मिलकर एक कारोबारी को कंटेनर ट्रेडिंग के नाम पर निवेश करने का झांसा दिया। आरोपियों ने दावा किया कि वे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) से कार्गो कंटेनर खरीदकर मस्जिद बंदर बाजार में बेचते हैं और कम समय में भारी मुनाफा कमाते हैं।
शिकायतकर्ता युवराज जगन्नाथ गायकवाड़, जो मालाड के निवासी हैं और विले पार्ले में ज़ेरॉक्स की दुकान चलाते हैं, ने पुलिस को बताया कि उनकी राहुल यमला से करीब 10 साल पुरानी पहचान थी। अप्रैल 2026 में राहुल अपने साथ संजय जाधव और राजकुमार अय्यर को लेकर उनके पास आया और कंटेनर कारोबार में निवेश का प्रस्ताव दिया। आरोपियों ने 15 दिनों में ₹10 लाख के निवेश पर ₹4 लाख मुनाफा देने का वादा किया।
पुरानी जान-पहचान के चलते गायकवाड़ ने भरोसा करते हुए आरटीजीएस के माध्यम से ₹10 लाख संजय जाधव के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन तय समय बीतने के बाद न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। जब गायकवाड़ ने पैसे मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर संजय जाधव ने खुद को सेवानिवृत्त वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक का बेटा बताते हुए धमकी दी कि यदि उसने ज्यादा दबाव बनाया तो उसके “हाथ-पैर तुड़वा देगा।”
शिकायत के आधार पर दिंडोशी पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। मामला दर्ज होने के बाद तीनों फरार हो गए थे। पुलिस ने दो दिन पहले संजय जाधव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान संजय जाधव ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि उसके पिता कृष्णा जाधव वर्ष 1988 में मुंबई पुलिस से वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों राहुल यमला और राजकुमार अय्यर की तलाश कर रही है। साथ ही मामले में हुए वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है।


