मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने केंद्र की भाजपा सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के मुद्दों की उपेक्षा करने वाली सरकार को सत्ता से हटाए बिना किसान शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में किसानों की स्थिति लगातार खराब हुई है और केंद्र सरकार उनकी समस्याओं के समाधान में विफल रही है।


छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए सपकाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, खेती की लागत बढ़ गई है, किसान आत्महत्याओं में वृद्धि हुई है तथा बेरोजगारी और महंगाई भी बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री किसानों, महिलाओं पर अत्याचार, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर चुप हैं।


सपकाल ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल चुनिंदा उद्योगपतियों के हितों की रक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘हम दो, हमारे दो’ की नीति के तहत सरकार अदाणी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना, समृद्धि महामार्ग, मिसिंग लिंक परियोजना और अन्य विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे के उपयोग पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मंदिर के लिए एकत्र किए गए धन का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश का शासन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक एम.एस. गोलवलकर की पुस्तक ‘बंच ऑफ थॉट्स’ की विचारधारा के अनुसार चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में “पैसा फेंको, तमाशा देखो” जैसी स्थिति बन गई है और सत्ताधारी दल जनता के मूलभूत मुद्दों की बजाय सत्ता और धन की राजनीति में व्यस्त है। सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार, महंगाई और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और किसानों तथा आम जनता के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी।
इस किसान सम्मेलन में सांसद डॉ. कल्याण काले, पूर्व मंत्री अनिल पटेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष किरण पाटिल डोणगांवकर, पूर्व विधायक नामदेवराव पवार, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष सागर सालुंखे सहित कांग्रेस के कई नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


