मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाली मोडक सागर झील गुरुवार तड़के रात 2:07 बजे ओवरफ्लो हो गई। झील का जलस्तर अधिकतम क्षमता तक पहुंचने के बाद इसका एक गेट खोल दिया गया है। इसकी जानकारी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के जल अभियंता विभाग ने दी।


पिछले कुछ दिनों से जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शहर को पानी देने वाली सभी झीलों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मोडक सागर झील की कुल जलधारण क्षमता 1,28,925 मिलियन लीटर (12,892.5 करोड़ लीटर) है।


बीएमसी के अनुसार, मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली सात झीलों में अब तक चार झीलें ओवरफ्लो हो चुकी हैं। इससे पहले विहार झील 7 जुलाई की रात 9 बजे, तुलसी झील 7 जुलाई की रात 11:43 बजे और तानसा झील 22 जुलाई को सुबह 8:51 बजे ओवरफ्लो हुई थी। अब 23 जुलाई को मोडक सागर भी भरकर बहने लगा है।
गुरुवार सुबह 6 बजे तक सातों जलाशयों में 10,09,432 मिलियन लीटर (1,00,943.2 करोड़ लीटर) पानी उपलब्ध था, जो उनकी कुल भंडारण क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर का 69.74 प्रतिशत है।
मोडक सागर परियोजना ठाणे जिले के शाहापुर तालुका में वैतरणा नदी पर स्थित है और मुंबई की पेयजल आपूर्ति का एक प्रमुख स्रोत है। वर्ष 1954 में निर्मित इस परियोजना का संचालन और रखरखाव बृहन्मुंबई महानगरपालिका करती है। यह परियोजना मुंबई से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है और शहर की कुल जलापूर्ति में इसका योगदान 11.22 प्रतिशत है।
लगातार बढ़ते जल भंडार के कारण मुंबई की आगामी जलापूर्ति को लेकर स्थिति और अधिक मजबूत होती दिखाई दे रही है।


