मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में अवैध दवा कारोबार, बिना लाइसेंस दवाओं के निर्माण और बिक्री, गलत लेबल वाले उत्पादों तथा बिना अनुमति गर्भपात की दवाओं की बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। मुंबई, कल्याण, नागपुर, अकोला और कोल्हापुर में की गई छापेमारी के दौरान करीब ₹3.73 लाख मूल्य की दवाएं और अन्य उत्पाद जब्त किए गए। संबंधित मामलों में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940, एनडीपीएस एक्ट, 1985 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।


सबसे बड़ी कार्रवाई 21 जुलाई को कल्याण (पूर्व) स्थित एम/एस प्रकाश पॉली क्लीनिक पर की गई, जहां FDA और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारकर बिना वैध दवा बिक्री लाइसेंस के रखी गई एलोपैथिक दवाएं जब्त कीं। यहां से ₹1.03 लाख मूल्य का दवा स्टॉक जब्त किया गया, जबकि दो नमूनों को जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजा गया है। क्लीनिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
22 जुलाई को मुंबई के कालबादेवी स्थित एम/एस जयमन इंडस्ट्री पर छापेमारी के दौरान बिना अनिवार्य उत्पादन लाइसेंस के कथित रूप से तैयार किए जा रहे Ellot Hand Cleanser को जब्त किया गया। यहां से ₹1.10 लाख मूल्य के उत्पाद जब्त किए गए और उनके नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। अधिकारियों के अनुसार, इकाई ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और नियमों का उल्लंघन किया है।
नागपुर में FDA ने एम/एस स्काईलाइन इम्पेक्स से 1,618 वायल Bacteriostatic Water for Injection जब्त किए, जिन पर “For Export Only” अंकित था। ₹74,610 मूल्य के इस स्टॉक पर आवश्यक वैधानिक जानकारी नहीं होने के कारण इसे गलत लेबल वाला (Misbranded) घोषित किया गया।
नागपुर के कान्हान क्षेत्र में FDA और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 7,174 ट्रामाडोल कैप्सूल जब्त किए गए, जिनकी कीमत ₹71,740 है। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
वहीं, इचलकरंजी में गलत लेबल वाले आयुर्वेदिक उत्पादों पर कार्रवाई करते हुए ₹6,080 मूल्य की दवाएं जब्त की गईं। अकोला में स्थानीय अपराध शाखा के साथ संयुक्त अभियान में बिना लाइसेंस गर्भपात की दवाएं बेचने वाले एक व्यक्ति के पास से ₹4,114 मूल्य की दवाएं बरामद की गईं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
FDA ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अवैध दवा कारोबार, बिना लाइसेंस दवा निर्माण और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


