मुंबई वार्ता संवाददाता

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग (ECI) ने पार्टी से उसके संविधान में किए गए प्रमुख संशोधनों को मंजूरी देने वाले प्रस्ताव (रिजॉल्यूशन) पेश करने को कहा है। यह कदम उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुनाव की वैधता पर उठे सवालों के बीच उठाया गया है।


27 जुलाई को भेजे गए पत्र में चुनाव आयोग ने सुनेत्रा पवार से जवाब मांगा है। आयोग ने अपने पत्र में 26 फरवरी और 10 मार्च को सुनेत्रा पवार द्वारा भेजे गए पत्रों का भी उल्लेख किया है। इन पत्रों में उन्होंने आयोग से नए पार्टी संविधान पर विचार नहीं करने का आग्रह किया था और पार्टी की नई कार्यकारिणी समिति के सदस्यों की सूची भी भेजी थी।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एनसीपी के राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने 9 जुलाई को कानूनी नोटिस जारी कर सुनेत्रा पवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया को चुनौती दी। यह नोटिस सुनेत्रा पवार, प्रफुल्ल पटेल और राष्ट्रीय महासचिव बृजमोहन श्रीवास्तव को भेजा गया है, जिसमें सुनेत्रा पवार के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग की गई है।
सच्चिदानंद सिंह का आरोप है कि 17 फरवरी को तत्कालीन पार्टी प्रमुख अजित पवार के निधन के बाद हुई बैठक में प्रफुल्ल पटेल को अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन अगले ही दिन नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जो पार्टी संविधान के प्रावधानों के अनुरूप नहीं थी।
उनका दावा है कि केवल अधिकृत कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने और चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का अधिकार था, जबकि यह प्रक्रिया महासचिव द्वारा शुरू की गई। साथ ही स्वतंत्र चुनाव प्राधिकरण की नियुक्ति और चुनाव कार्यक्रम जारी करने जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का भी पालन नहीं किया गया।
हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने पत्र में इन आरोपों पर कोई निर्णय नहीं दिया है। आयोग ने फिलहाल पार्टी से चार महत्वपूर्ण विषयों—पार्टी सदस्यता, राज्य समितियों के गठन, पार्टी समितियों के निलंबन तथा पार्टी निधि के उपयोग—से जुड़े संविधान संशोधनों को मंजूरी देने वाले प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा है।
अब इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई और एनसीपी का जवाब पार्टी के अंदर चल रहे नेतृत्व विवाद की दिशा तय कर सकता है।


