श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई पुलिस की 1930 साइबर हेल्पलाइन और साइबर पुलिस ठाणे के दक्षिण विभाग की तत्परता से एक कंपनी को साइबर ठगी में गंवाए गए ₹9,83,03,492 में से 91 प्रतिशत रकम वापस बचाने में सफलता मिली।
पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त 2026 को एक कंपनी में जनरल मैनेजर अकाउंट के पद पर कार्यरत कर्मचारी को ठग ने कंपनी के डायरेक्टर की फोटो और नाम का इस्तेमाल करते हुए WhatsApp के जरिए संदेश भेजा। संदेश में कर्मचारी को तत्काल एक बैंक खाते में ₹9.83 करोड़ से अधिक रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा गया।


संदेश को कंपनी के डायरेक्टर की ओर से आया हुआ समझकर कर्मचारी ने विश्वास में लेते हुए कंपनी के बैंक खाते से ₹9,83,00,000 आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद कर्मचारी ने रकम भेजे जाने की जानकारी कंपनी के डायरेक्टर को उनके मोबाइल नंबर पर भेजे गए संदेश के माध्यम से दी। तब डायरेक्टर को एहसास हुआ कि उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर कर्मचारी के साथ साइबर धोखाधड़ी की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने तत्काल साइबर पुलिस ठाणे दक्षिण विभाग, साइबर अपराध शाखा की मदद से मुंबई पुलिस की 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही 1930 साइबर हेल्पलाइन की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकिंग लेन-देन को ट्रैक किया और रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने के प्रयास शुरू किए। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप ₹9,83,03,492 में से 91 प्रतिशत रकम सफलतापूर्वक बचा ली गई।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी, कंपनी के संचालक या परिचित व्यक्ति के नाम और फोटो से WhatsApp पर संदेश आने पर बिना सत्यापन के कोई भी आर्थिक लेन-देन न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने से रकम बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
वरिष्ठों के निर्देशानुसार साइबर पुलिस ठाणे दक्षिण विभाग के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नंदकुमार गोपाले की टीम ने उक्त कार्रवाई की है।


