मुंबई वार्ता संवाददाता

कोंकणी पाड़ा, कुरार गांव स्थित प्राचीन कोंकणी माता मंदिर को लेकर गुरुवार, 13 अगस्त को मंगेश स्कूल में एक चिंतन बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर के भविष्य और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। बड़ी संख्या में भक्तों ने मंदिर को बचाने और नियमित दर्शन की व्यवस्था बहाल करने की मांग रखी।


बताया गया कि कोंकणी माता मंदिर DGS बिल्डर के लेआउट में स्थित है, लेकिन अब तक मंदिर की पात्रता निर्धारित नहीं की गई है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि पात्रता तय किए बिना ही मंदिर को तोड़ने और मूर्ति विसर्जन की तैयारी की जा रही थी। इससे स्थानीय भक्तों में भारी नाराजगी थी।


श्रद्धालुओं की मांग और अपील को देखते हुए भाजपा नेता विनोद मिश्रा के नेतृत्व में बैठक में विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें विधायक सुनील प्रभु, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता गणपत वारिशे, पूजा चौहान तथा विश्व हिंदू परिषद के अरविंद दुबे शामिल थे।
बैठक में तय किया गया कि मंदिर की पात्रता को लेकर जल्द ही एसआरए और मनपा के प्रमुख अधिकारियों की संयुक्त निरीक्षण प्रक्रिया कराई जाएगी। निरीक्षण के बाद मंदिर की पात्रता निर्धारित करने तथा श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक पहुंचने का सुलभ मार्ग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
उपस्थित नेताओं ने जनता को आश्वासन दिया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर कोंकणी माता मंदिर को दोबारा दर्शनार्थियों के लिए खोलने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में श्रद्धालुओं ने मंदिर को सुरक्षित रखने और धार्मिक परंपरा को कायम रखने के लिए एकजुट होकर प्रयास करने का संकल्प भी व्यक्त किया।


