मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और बाधामुक्त रास्ते उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का ‘पैदल यात्री प्रथम’ (Pedestrian First) अभियान तेज हो गया है। अभियान के पहले चरण में महज 14 दिनों के भीतर शहर के करीब 68 किलोमीटर लंबे फुटपाथों को अतिक्रमण और अन्य बाधाओं से मुक्त कराया गया है। बीएमसी ने पहले चरण में 200 फुटपाथों पर कार्रवाई का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 81 फुटपाथों पर काम शुरू हो चुका है।


■ 1 से 14 अगस्त के बीच 337 कार्रवाई
बीएमसी के अनुसार, 1 से 14 अगस्त के बीच अभियान के तहत 337 अतिक्रमण-विरोधी कार्रवाई की गईं। इस दौरान 77 अनधिकृत ढांचों को हटाया गया, जबकि 112 अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा फुटपाथों पर रखे 49 स्ट्रीट फर्नीचर, 63 भंडारण सामग्री, 27 दुकान के बोर्ड, 14 साइन बोर्ड और 49 बैनर हटाए गए।
फुटपाथों पर बने 8 अनधिकृत पार्किंग स्थलों को भी हटाया गया, जबकि 8 फुटपाथों की मरम्मत की गई। इसके साथ ही अधिकृत दुकानों से सटे 25 ढांचों में भी सुधारात्मक कार्रवाई की गई।
■ रेलवे- मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष ध्यान
अभियान के पहले चरण में उन फुटपाथों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां पैदल यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। इनमें रेलवे और मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, बाजार, सरकारी व नागरिक कार्यालय तथा धार्मिक स्थल शामिल हैं। उद्देश्य इन स्थानों तक पहुंचने वाले फुटपाथों को लगातार, सुरक्षित और बाधामुक्त बनाना है।
■ फेरीवालों के साथ अन्य बाधाओं पर भी कार्रवाई
बीएमसी का अभियान केवल अवैध फेरीवालों और अतिक्रमण तक सीमित नहीं है। फुटपाथों पर बने अनधिकृत रैंप, बाहर की ओर खुलने वाले गेट, गलत तरीके से रखी सामग्री, दुकान के बाहर बढ़ाए गए हिस्से, पेड़ों के कारण पैदा होने वाली बाधाएं, टूटे फुटपाथ और ऊंचाई में अंतर जैसी समस्याओं को भी दूर किया जा रहा है। अधिकृत फेरीवालों को भी निर्धारित स्थान की सीमा के भीतर ही कारोबार करने का निर्देश दिया गया है।
■ मुंबई में करीब आधी दैनिक आवाजाही पैदल
बीएमसी के मुताबिक मुंबई में रोजाना होने वाली यात्रा का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा पैदल होता है। ऐसे में फुटपाथों पर अतिक्रमण और अव्यवस्था का सीधा असर पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर पड़ता है। मुंबई रोड सेफ्टी वार्षिक रिपोर्ट 2023 का हवाला देते हुए बीएमसी ने बताया कि शहर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में पैदल यात्रियों की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही है।
बीएमसी ने इस अभियान को महज अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बजाय मुंबई में सुरक्षित और बेहतर पैदल यातायात व्यवस्था तैयार करने की पहल के रूप में पेश किया है। आगे भी चरणबद्ध तरीके से अधिक फुटपाथों को बाधामुक्त करने की योजना है।
हालांकि, अभियान की जमीनी कार्रवाई को लेकर कुछ नगरसेवकों ने सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई करते समय बीएमसी द्वारा जारी क्यूआर-कोड पहचान पत्र वाले पंजीकृत फेरीवालों के मामलों में भी स्पष्ट और समान नीति अपनाई जानी चाहिए, ताकि पैदल यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के साथ फेरीवालों की आजीविका का भी संतुलन बना रहे।


