मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

डोंगरी के बाबा दरगाह इलाके में रहने वाले तौफिक कुरेशी के घर 5 जून 2026 को चोरी की घटना सामने आई थी। इस मामले में डोंगरी पुलिस थाने में एफआईआर क्रमांक 0377/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए एक आरोपी सकलेन सिद्दीक अल्लावाला को गिरफ्तार किया और उसके पास से चोरी के सोने के आभूषण बरामद किए जाने की बात सामने आई।हालांकि, अब बरामद किए गए सोने को शिकायतकर्ता को लौटाने के तरीके को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि चोरी हुए आभूषणों की जगह उसे पिघला हुआ सोना वापस दिया गया और उसका वजन भी मूल रूप से चोरी हुए सोने से करीब 4 ग्राम कम है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, चोरी हुए सामान में करीब 11 ग्राम की सोने की चेन, 2-2 ग्राम की कान की बालियां और एक नाक की नथनी शामिल थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि चोरी हुए आभूषणों का कुल वजन लगभग 11.5 ग्राम था। इसके मुकाबले उसे वापस दिया गया पिघला हुआ सोना करीब 4 ग्राम कम बताया जा रहा है।


■ आरोपी सकलेन सिद्दीक अल्लावाला ने वीडियो जारी कर क्या कहा?
मामले में आरोपी सकलेन सिद्दीक अल्लावाला से बातचीत किए जाने पर उसने वीडियो के माध्यम से अपना पक्ष रखा। सकलेन सिद्दीक अल्लावाला का कहना है कि उसने पुलिस को वही आभूषण सौंपे थे, जो उसने चोरी किए थे। आरोपी के इस बयान के बाद सवाल उठता है कि यदि आरोपी ने पुलिस को मूल आभूषण ही सौंपे थे, तो शिकायतकर्ता को वे आभूषण वापस क्यों नहीं मिले और उन्हें पिघलाकर सोना किस परिस्थिति में दिया गया?


■ बरामदगी की प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल बरामद किए गए सोने के वजन और उसके स्वरूप को लेकर है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे चोरी हुए आभूषणों के बजाय पिघला हुआ सोना दिया गया, जिसका वजन भी कम है।ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि पुलिस ने आरोपी सकलेन सिद्दीक अल्लावाला से बरामद आभूषणों का पंचनामा किस तरह तैयार किया था, उनका वजन कितना दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें पिघलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। साथ ही, शिकायतकर्ता को लौटाए गए सोने का आधिकारिक वजन कितना था और इस अंतर का कारण क्या है, यह भी जांच का विषय है।
■ शिकायतकर्ता ने मांगा स्पष्ट जवाब
मामले में शिकायतकर्ता अब पुलिस से पूरे घटनाक्रम का स्पष्ट जवाब चाहता है। आरोपी के वीडियो बयान और शिकायतकर्ता के दावे के बाद बरामदगी से लेकर मालखाने में जमा करने और फिर शिकायतकर्ता को लौटाने तक की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच की मांग उठ रही है।
इस मामले के बारे में पूछे जाने पर पुलिस उपायुक्त मनीष केलवेनिया ने कहा कि,” मुझे मामले की जानकारी नहीं है। मैं मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करूँगा।”


