■ सड़क, शिक्षा, आश्रमशाला और आंगनवाड़ी में गुणवत्ता नहीं दिख रही; स्कूलों के भोजन में भ्रष्टाचार की आशंका पर उठाए सवाल
मुंबई वार्ता संवाददाता

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एवं सांसद सुप्रिया सुले ने सरकार पर विकास कार्यों और शिक्षा के लिए मंजूर होने वाले भारी भरकम फंड के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि यदि शिक्षा के लिए इतना बड़ा बजट मंजूर किया जाता है तो आखिर यह पैसा जाता कहां है?


मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुप्रिया सुले ने कहा कि सड़क, शिक्षा, आश्रमशाला और आंगनवाड़ी जैसे किसी भी क्षेत्र में अपेक्षित गुणवत्ता नजर नहीं आ रही है। उन्होंने विशेष रूप से स्कूली विद्यार्थियों को दिए जाने वाले घटिया स्तर के भोजन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस व्यवस्था में भ्रष्टाचार हो रहा है।
■ ‘राहुल गांधी को कार्यक्रम के लिए इतनी शर्तें क्यों?’
राहुल गांधी के पुणे दौरे को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं। यदि उनकी पार्टी का कोई संगठनात्मक कार्यक्रम है और वे पुणे आकर विद्यार्थियों से संवाद करना चाहते हैं, तो उनके कार्यक्रम पर इतनी शर्तें लगाने की जरूरत क्यों है? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण संवाद करेंगे और वापस चले जाएंगे, इसमें गलत क्या है?
■ ‘पार्टी किसी की निजी संपत्ति नहीं’
पार्टी और संगठन को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल इतनी है कि जिस पार्टी का जो हक है, वह उसे मिलना चाहिए। इसके बाद पार्टी का क्या करना है, इसका निर्णय शरद पवार और संबंधित प्रक्रिया में शामिल लोग करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी का व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, क्योंकि कोई भी संगठन किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं होता।
■ ‘विपक्षी सांसदों का फंड रोका जा रहा है’
सुप्रिया सुले ने कहा कि देशभर से कश्मीर से कन्याकुमारी तक कई नेता शरद पवार से चर्चा के लिए मिलते हैं। उन्होंने शरद पवार की राजनीतिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे मतभेद भुलाकर और मन में किसी तरह का द्वेष रखे बिना सभी को समय देते हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी स्थिति भी नगरसेवकों से अलग नहीं है। वे विपक्ष में सांसद हैं और लगातार पत्र भेजते हैं, लेकिन उन्हें भी पर्याप्त निधि नहीं मिलती। उनके मुताबिक मौजूदा सरकार में विपक्ष से जुड़े लोगों के विकास कार्यों का फंड रोकने जैसी घटनाएं बड़े पैमाने पर देखने को मिल रही हैं।
सुप्रिया सुले ने कहा कि जब उनकी सरकार थी, तब केवल सत्तापक्ष से जुड़े लोगों के काम ही नहीं होते थे, बल्कि कई बार विपक्ष के लोगों के काम भी दोगुनी गति से किए जाते थे। उनका तर्क था कि विपक्षी होने के बावजूद संबंधित क्षेत्र का विकास रुकना नहीं चाहिए।
■ ‘बजरंग सोनवणे के पीछे पवार परिवार पूरी ताकत से खड़ा’
सांसद बजरंग सोनवणे का समर्थन करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि उनके पीछे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और पवार परिवार पूरी ताकत से खड़ा है। उन्होंने राजनीतिक विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गंदी राजनीति को परिवार तक नहीं लाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति से गलती हुई है तो उसे माफ नहीं किया जाएगा, लेकिन यदि सरकार द्वारा गलत तरीके से उनके सांसदों के परिवार के सदस्यों या किसी कार्यकर्ता के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


