मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में आदिवासी विद्यार्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 13 दिनों से जारी अनशन के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर आदिवासी विद्यार्थियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मांगें तत्काल मंजूर नहीं की गईं तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।


सपकाल ने मंगलवार को नासिक में अनशन कर रहे आदिवासी विद्यार्थियों से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ सांसद शोभा बच्छाव, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
मीडिया से बातचीत में सपकाल ने कहा कि पुणे, नासिक, वर्धा, पालघर समेत राज्य के कई हिस्सों में आदिवासी विद्यार्थी पिछले 13 दिनों से अनशन कर रहे हैं।


उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन आदिवासी विद्यार्थियों की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए उसके पास समय नहीं है। सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भी विद्यार्थियों के मुद्दे पर चर्चा नहीं होने का दावा करते हुए उन्होंने सरकार को आदिवासी विरोधी बताया।
■ ‘आदिवासी विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि आदिवासी विकास विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी कई दिनों से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार के किसी मंत्री ने उनकी सुध लेने की जरूरत नहीं समझी।
सपकाल ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों की मांगें जायज हैं और सरकार को उन्हें तत्काल स्वीकार करना चाहिए।
■ ‘छात्रों को कुछ हुआ तो सरकार जिम्मेदार’
सपकाल ने चेतावनी दी कि अनशन कर रहे विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ती है या उन्हें किसी तरह का नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महायुति सरकार आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है।
■ आदिवासी विकास मंत्री पर भी निशाना
सपकाल ने आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके पर भी निशाना साधा। उन्होंने मंत्री के उस कथित बयान पर सवाल उठाया, जिसमें राहुल गांधी को आदिवासी मुद्दों की अद्यतन जानकारी नहीं होने की बात कही गई थी। सपकाल ने सवाल किया कि जिस विभाग के मंत्री उईके हैं, क्या उन्हें अपने ही विभाग की पूरी जानकारी है?
उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी 13 दिनों से अनशन कर रहे हैं तो मंत्री अब तक क्या कर रहे थे। सपकाल ने छात्राओं की मेडिकल जांच के दौरान कथित तौर पर गर्भावस्था परीक्षण किए जाने के मुद्दे को भी गंभीर बताया और कहा कि मंत्री को इस सवाल का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
सपकाल ने आरोप लगाया कि मंत्री विद्यार्थियों से यह कह रहे हैं कि वे मुख्यमंत्री से मिलें, जबकि मुख्यमंत्री के पास भी अनशन की दखल लेने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि जो मंत्री अपने विभाग के विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते, उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से आदिवासी विद्यार्थियों की सभी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने और उनका अनशन समाप्त कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।


