मुंबई वार्ता संवाददाता

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता महेश तपासे ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। तपासे ने सरकार पर ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ करने का आरोप लगाते हुए वास्तविक आर्थिक विकास दर को लेकर स्पष्टीकरण देने की मांग की।


महेश तपासे ने कहा कि सरकार देशवासियों से 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि दर का जश्न मनाने की अपील कर रही है, लेकिन पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने सरकार के ही आंकड़ों का इस्तेमाल करते हुए गणना की है, जिसके अनुसार वास्तविक वृद्धि दर करीब 2.6 प्रतिशत बैठती है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इन दोनों में से सही आंकड़ा कौन-सा है?
तपासे ने कहा, “मोदी सरकार को देश की जनता को सीधा जवाब देना चाहिए, न कि आंकड़ों की बाजीगरी के जरिए भ्रम पैदा करना चाहिए।”
■ ‘आंकड़ों की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल’
NCP(SP) नेता ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोप का मामला नहीं है, बल्कि सरकार की सांख्यिकीय व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनके मुताबिक पहले GDP के आधार वर्ष (Base Year) में बदलाव किया गया, फिर पिछले वर्ष के आंकड़ों में संशोधन कर उन्हें नीचे किया गया और उसके बाद संशोधित आधार पर मौजूदा वर्ष की वृद्धि दर पेश कर इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में बताया गया।
तपासे ने आरोप लगाया कि इस तरह की प्रक्रिया से वास्तविक आर्थिक तस्वीर धुंधली होती है। उन्होंने इसे “अकाउंटिंग की बाजीगरी” करार दिया।
■ ‘जमीन पर आर्थिक तस्वीर अलग क्यों?’
तपासे ने GDP के सरकारी आंकड़ों और आम लोगों की आर्थिक स्थिति के बीच कथित अंतर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि अर्थव्यवस्था वास्तव में 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, तो घरेलू बचत में कमी क्यों आ रही है और उपभोक्ता मांग कमजोर क्यों दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि दुकानदारों, किसानों और छोटे कारोबारियों से कारोबार में सुस्ती की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में केवल सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में दिए गए आंकड़े पर्याप्त नहीं हैं।
■ MoSPI और वित्त मंत्रालय से पारदर्शिता की मांग
महेश तपासे ने सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) और वित्त मंत्रालय से दो प्रमुख मांगें की हैं।
पुराने और नए आधार वर्ष की GDP श्रृंखला के आंकड़ों की समान आधार पर पारदर्शी तुलना सार्वजनिक की जाए, ताकि आम नागरिक वास्तविक वृद्धि दर की स्वतंत्र रूप से जांच कर सकें।
पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग द्वारा की गई 2.6 प्रतिशत वृद्धि दर की गणना पर सरकार स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब दे, बजाय इसके कि भाजपा के सोशल मीडिया संदेशों के जरिए सवालों को खारिज किया जाए।
तपासे ने कहा कि भाजपा सरकार सुर्खियों को संभालने में माहिर हो गई है, जबकि आम परिवारों की आर्थिक परेशानियां लगातार बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि NCP(SP) सरकार को चुनिंदा आंकड़ों के पीछे छिपने नहीं देगी।
उन्होंने कहा, “देश की जनता को वास्तविक आंकड़े जानने का अधिकार है। 7.8 प्रतिशत या 2.6 प्रतिशत—सरकार को स्पष्ट करना होगा कि इनमें से कौन-सा आंकड़ा सही है और कौन-सा ईमानदार आर्थिक तस्वीर पेश करता है।”


