मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों के चेक-इन सामान से चोरी की बढ़ती शिकायतों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सहार पुलिस ने एयरपोर्ट संचालक मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) से उन हिस्सों में अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाने को कहा है, जहां फिलहाल निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। पुलिस के मुताबिक, कन्वेयर बेल्ट से विमान तक सामान पहुंचने के दौरान कुछ हिस्से ऐसे हैं, जिन्हें कैमरों से पूरी तरह कवर नहीं किया गया है। यही ‘ब्लाइंड स्पॉट’ चोरी की घटनाओं के लिए संवेदनशील माने जा रहे हैं।


पुलिस के सामने बागेज चोरी के 26 मामले अब भी अनसुलझे हैं। इन मामलों में यात्रियों के चेक-इन बैग से नकदी, कीमती सामान और अन्य वस्तुओं के गायब होने की शिकायतें शामिल हैं। जांच में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सामान कई चरणों से गुजरता है और इस पूरी प्रक्रिया में एयरलाइन कर्मचारियों के अलावा आउटसोर्स किए गए लोडर तथा थर्ड-पार्टी ग्राउंड स्टाफ भी शामिल रहते हैं।
■ कन्वेयर बेल्ट से विमान तक का हिस्सा सबसे संवेदनशील
सहार पुलिस के अनुसार, यात्रियों का सामान कन्वेयर बेल्ट से विमान के कार्गो हिस्से तक पहुंचने के दौरान कुछ ऐसे क्षेत्र आते हैं जहां सीधी CCTV निगरानी नहीं है। पुलिस को आशंका है कि इन्हीं स्थानों पर बैग से छेड़छाड़ या कीमती सामान निकालने की घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए पुलिस ने एयरपोर्ट ऑपरेटर से इन हिस्सों में अतिरिक्त कैमरे लगाने और मौजूदा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का आग्रह किया है।
■ 16 मामले इस साल सहार थाने में दर्ज
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच सहार पुलिस थाने में सामान चोरी के 16 मामले दर्ज हुए हैं और इनमें से कोई भी मामला अभी तक सुलझ नहीं पाया है। इनमें मुंबई-दुबई उड़ान में दो महिलाओं के चेक-इन बैग से 25,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 23.6 लाख रुपये चोरी होने का मामला भी शामिल है। यह इस अवधि में सामने आया सबसे बड़ा चोरी का मामला बताया गया है।
इसके अलावा हाल में रूस जा रहे दो मेडिकल छात्रों के सामान से करीब 6.5 लाख रुपये मूल्य की अमेरिकी मुद्रा गायब होने की शिकायत भी सामने आई थी। पुलिस ने दोनों मामलों में FIR दर्ज कर एयरलाइंस से CCTV फुटेज और संबंधित ग्राउंड स्टाफ की जानकारी मांगी है।
■ कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच
पुलिस को संदेह है कि सामान की स्क्रीनिंग और हैंडलिंग से जुड़े कुछ कर्मचारी चोरों को ऐसे बैगों की जानकारी दे सकते हैं जिनमें नकदी या सोना होने की संभावना हो। इसलिए जांच एजेंसियां CCTV फुटेज के साथ-साथ उस समय ड्यूटी पर मौजूद ग्राउंड स्टाफ और बैगेज हैंडलिंग कर्मचारियों की जानकारी भी जुटा रही हैं।
पुलिस का मानना है कि एयरपोर्ट के सभी संवेदनशील हिस्सों में कैमरों की 100 प्रतिशत कवरेज और बैगेज हैंडलिंग प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों की बेहतर निगरानी से चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने तथा आरोपियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।


