मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबईकरों पर एक बार फिर महंगाई का बोझ बढ़ने की संभावना है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) पानी दर में 6 से 7 फीसदी तक बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। पानी की दरों में वर्ष 2022 के बाद से कोई वृद्धि नहीं हुई है। अब जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव, पाइपलाइनों की मरम्मत और नई पाइपलाइन बिछाने पर बढ़ते खर्च को देखते हुए प्रशासन ने पानी कीमतों की समीक्षा शुरू की है।


■ आयुक्त की मंजूरी के लिए जल्द भेजा जाएगा प्रस्ताव
BMC प्रशासन की ओर से पानी की कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसे जल्द ही महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे की मंजूरी के लिए भेजे जाने की संभावना है। अंतिम फैसला प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।


■ चार साल से नहीं बढ़ी पानी की कीमत
पानी दर में पिछली बढ़ोतरी वर्ष 2022 में हुई थी। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया और अन्य कारणों से दरों में वृद्धि नहीं की गई। इस दौरान जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े खर्च में लगातार इजाफा हुआ है। BMC के अनुसार, शहर में पर्याप्त और शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए जलशुद्धीकरण, पाइपलाइन की मरम्मत, लीकेज नियंत्रण तथा नई परियोजनाओं पर बड़ा खर्च हो रहा है।
■ 1,000 लीटर पानी की लागत और वसूली में बड़ा अंतर
रिपोर्ट के मुताबिक, BMC को 1,000 लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध कराने में करीब 26.93 रुपये खर्च आता है, जबकि नागरिकों से मौजूदा दर के अनुसार करीब 6.36 रुपये शुल्क लिया जाता है। इस अंतर के कारण जलापूर्ति विभाग के राजस्व पर दबाव बढ़ रहा है।
■ जलाशयों में 95% पानी, फिर भी 10% कटौती जारी
खास बात यह है कि मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाले सातों प्रमुख जलाशयों में पानी का भंडार करीब 95 फीसदी तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद BMC ने फिलहाल 10 फीसदी पानी कटौती वापस नहीं लेने का फैसला किया है। प्रशासन चाहता है कि जलाशयों में 30 सितंबर तक 100 फीसदी पानी का भंडार सुनिश्चित हो, उसके बाद कटौती हटाने पर फैसला किया जाए।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो नई दरों का सीधा असर मुंबईकरों के पानी के बिल पर पड़ेगा। हालांकि, 6-7 फीसदी बढ़ोतरी फिलहाल प्रस्तावित है, अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है।


