मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के प्रसिद्ध जीएसबी सेवा मंडल के गणपति उत्सव में इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई है। मंडल की ओर से प्रतिदिन करीब 25 हजार भक्तों को महाप्रसाद वितरित किए जाने की तैयारी है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा गणेशोत्सव के दौरान सार्वजनिक रूप से वितरित किए जाने वाले प्रसाद और भोजन की गुणवत्ता तथा स्वच्छता की जांच के निर्देश दिए जाने के बाद मंडल ने भी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का दावा किया है।


एफडीए ने इस वर्ष गणेशोत्सव के दौरान प्रसाद तैयार करने और वितरित करने के लिए खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन अनिवार्य किया है। इसके तहत भोजन बनाने वाली जगह की स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण, खाना पकाने और परोसने की प्रक्रिया तथा भोजन संभालने वाले कर्मचारियों की स्वच्छता जैसे पहलुओं की जांच की जा सकती है।
जीएसबी सेवा मंडल ने एफडीए की संभावित जांच को देखते हुए महाप्रसाद व्यवस्था में खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित करने की तैयारी की है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन परोसे जाने के कारण रसोई से लेकर वितरण स्थल तक स्वच्छता और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दरअसल, महाराष्ट्र एफडीए ने धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में बड़े पैमाने पर भोजन वितरण को खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाने की पहल की है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
जीएसबी सेवा मंडल मुंबई के प्रमुख गणपति मंडलों में शामिल है और यहां गणेशोत्सव के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष मंडल को 703.27 करोड़ रुपये का बीमा कवर भी मिला है। गणपति की प्रतिमा को 66 किलो से अधिक सोने और 335 किलो चांदी के आभूषणों से सजाया गया है।
महाप्रसाद के लिए रोजाना हजारों लोगों की भीड़ को देखते हुए मंडल के सामने भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ स्वच्छता और सुरक्षित वितरण की बड़ी जिम्मेदारी है। एफडीए की निगरानी के बीच मंडल की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ सुरक्षित और स्वच्छ महाप्रसाद भी उपलब्ध कराया जा सके।


