मुंबई वार्ता संवाददाता

बांद्रा के प्रसिद्ध माउंट मैरी फेयर यानी बांद्रा फेयर 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, लेकिन इस बार अस्थायी दुकानों के लिए कारोबारियों की रुचि अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से उपलब्ध कराए गए कुल 430 स्टॉल में से करीब 150 स्टॉल अब भी खाली हैं। यानी लगभग एक-तिहाई स्टॉल के लिए अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली है।


बांद्रा फेयर 13 से 20 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह माउंट मैरी चर्च के वार्षिक धार्मिक उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इस मेले में धार्मिक सामग्री, खान-पान, घरेलू सामान, खिलौने और अन्य वस्तुओं की अस्थायी दुकानें लगती हैं।
बीएमसी हर वर्ष मेले के दौरान विभिन्न मार्गों पर अस्थायी स्टॉल उपलब्ध कराती है। पिछले वर्ष की नीति के अनुसार माउंट मैरी रोड, केन रोड के कुछ हिस्से, रेबेलो रोड और सेंट जॉन बैप्टिस्टा रोड पर कुल 430 स्टॉल निर्धारित किए गए थे। इनमें धार्मिक सामग्री के लिए अलग स्टॉल तथा अन्य सामानों की बिक्री के लिए नीलामी के जरिए स्टॉल उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी।
इस वर्ष भी बीएमसी की ओर से 400 से अधिक स्टॉल की नीलामी की व्यवस्था की गई है। वहीं, माउंट मैरी चर्च परिसर की ओर से करीब 130 स्टॉल आवंटित किए गए हैं और सीढ़ियों पर 20 स्टॉल नन और पादरियों के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
स्टॉल खाली रहने से बीएमसी के सामने राजस्व से जुड़ा सवाल भी खड़ा हो सकता है। वहीं, पारंपरिक विक्रेताओं और स्थानीय कारोबारियों के बीच ऑनलाइन बोली व्यवस्था को लेकर पहले से ही असंतोष सामने आता रहा है।
मेले के दौरान अवैध फेरीवालों और अनधिकृत स्टॉलों पर भी बीएमसी की नजर रहेगी। पिछले वर्ष की नीति में बिना अनुमति लगाए गए स्टॉल और फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अतिक्रमण हटाने वाले वाहनों तथा कर्मचारियों की तैनाती का प्रावधान किया गया था। आग और सुरक्षा के मद्देनजर दमकल वाहनों की तैनाती और मार्गों पर अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों को दी गई थी।
इस बीच, बांद्रा क्षेत्र में बीएमसी का अतिक्रमण विरोधी अभियान भी जारी है। हाल ही में नेशनल कॉलेज और लिंकिंग रोड के फुटपाथ से अवैध स्टॉल और अस्थायी शेड हटाए गए थे।
ऐसे में इस वर्ष बांद्रा फेयर में भीड़ और कारोबारियों की भागीदारी पर नजर रहेगी। 430 में से 150 स्टॉल का खाली रहना मेले में व्यापारिक गतिविधियों के प्रति विक्रेताओं के बदलते रुझान का संकेत माना जा रहा है।


