मुंबई वार्ता संवाददाता

एनएएमसीओ बैंक से जुड़े करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब दो साल से फरार चल रहे कथित मास्टरमाइंड मेहमूद अब्दुल समद भगाड़ उर्फ ‘चैलेंजर किंग’ को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गिरफ्तार किया गया है। इंटरपोल के माध्यम से महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली। इसके बाद मुंबई की विशेष अदालत ने उसे भारत वापस लाने के लिए यूएई सरकार को प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजने की अनुमति दे दी है।


विशेष अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.वी. सहारे ने एटीएस की अर्जी स्वीकार करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर अपराध का आरोप है और आगे की जांच तथा मुकदमे के लिए उसकी भारत में मौजूदगी आवश्यक है। भगाड़ इस मामले में अपराध दर्ज होने के बाद से फरार था और फरवरी 2025 में उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।
जांच के अनुसार, यह मामला मालेगांव स्थित नासिक मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक (एनएएमसीओ बैंक) की नई खोली गई बैंक खातों की एक श्रृंखला के जरिए कथित तौर पर बड़ी रकम को घुमाने से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया था कि 14 खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा हुई थी। इन खातों के लिए कथित तौर पर ऐसे लोगों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि एनएएमसीओ बैंक के 14 खातों और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पांच खातों से रकम अलग-अलग फर्मों और संस्थाओं के खातों में भेजी गई। इसके बाद बड़ी मात्रा में नकदी निकाली गई और कथित तौर पर हवाला संचालकों तक पहुंचाई गई। ईडी ने दिसंबर 2024 में इस मामले में मुंबई और अहमदाबाद में छापेमारी कर 13.5 करोड़ रुपये नकद जब्त किए थे।
ईडी के मुताबिक, नगानी अकरम मोहम्मद शफी और वसीम वलिमोहम्मद भेसानिया ने विभिन्न फर्जी संस्थाओं के खातों से बड़ी मात्रा में नकदी निकालकर अहमदाबाद, मुंबई और सूरत के हवाला ऑपरेटरों तक पहुंचाई। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि दोनों भगाड़ के निर्देश पर काम करते थे।
मामले की जांच के दौरान भगाड़ को कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख लाभार्थी बताया गया। अब यूएई में उसकी गिरफ्तारी के बाद एटीएस प्रत्यर्पण की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। भारत वापस लाए जाने के बाद उससे मामले में कथित धन के स्रोत, बैंक खातों और अन्य आरोपियों के साथ उसके संबंधों को लेकर पूछताछ की जा सकती है।


