अंटीलिया मामले में NIA की जांच पर अदालत के सवाल, जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप: सचिन सावंत।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

अंटीलिया बम मामले में अदालत द्वारा यूएपीए (UAPA) लगाए जाने की वैधता पर सवाल उठाए जाने के बाद कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच पर सवाल खड़े किए हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और तेलंगाना के सह-प्रभारी सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया और कुछ आरोपियों को बचाने के लिए अंटीलिया मामले को साजिश के तौर पर इस्तेमाल किया गया।


तिलक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सावंत ने कहा कि अंटीलिया मामले की जांच पहले महाराष्ट्र एटीएस को सौंपी गई थी। उनके अनुसार, एटीएस आरोपियों को हिरासत में लेने वाली थी, तभी केंद्र सरकार के निर्देश पर एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। सावंत ने आरोप लगाया कि मामले को आतंकवाद से जोड़कर तत्कालीन महाविकास आघाड़ी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई।


उन्होंने कहा कि अंटीलिया मामले में अब भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। तिहाड़ जेल से कथित आतंकी संगठन के नाम से ई-मेल कैसे आया? साइबर विशेषज्ञ द्वारा दिए गए बयान का क्या हुआ? मुंबई पुलिस कार्यालय का डीवीआर एटीएस ने अपने कब्जे में लिया था, लेकिन उसे वापस क्यों मंगाया गया और बाद में उसका क्या हुआ? इस पूरे षड्यंत्र का मूल उद्देश्य क्या था? इन सवालों का जवाब अब तक नहीं मिला है।


सावंत ने आरोप लगाया कि एनआईए इस मामले की तह तक पहुंचने में विफल रही है और जांच सही तरीके से नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को बचाने के प्रयास के आरोपों को लेकर सेवानिवृत्त एसीपी भीमराव घाडगे ने भी याचिका दायर की है। सावंत ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद अंटीलिया मामले की जड़ तक जाकर सभी दोषियों को सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।


केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सावंत ने सुशांत सिंह राजपूत मामले और पालघर साधु हत्याकांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इन मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने का इस्तेमाल किया गया।


■ ‘भाजपा सरकार ने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था बिगाड़ दी’


ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारी की गोली मारकर हत्या और गश्त के दौरान पुलिस उपनिरीक्षक किसन भोईर की हत्या का उल्लेख करते हुए सावंत ने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का गंभीर उदाहरण हैं।


सावंत ने भाजपा विधायक श्वेता महाले के ‘बुलढाणा का बिहार हो गया’ वाले बयान का हवाला देते हुए कहा कि वास्तव में महाराष्ट्र का ही बिहार जैसा हाल हो गया है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए सत्तारूढ़ दल के विधायक की ओर से ‘घर का आहेर’ बताया।


उन्होंने सातारा जिले में कथित तौर पर खेत में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि राज्य में ड्रग्स का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है। सावंत ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई है।

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