मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के गोवंडी इलाके में रिश्वत मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के दो इंजीनियरों और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि नागरिक कार्यों से जुड़े बिलों को मंजूर करने के बदले कुल 3.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।


ACB के अनुसार, मामला BMC के एम-ईस्ट वार्ड, गोवंडी से जुड़ा है। आरोपियों की पहचान जी.एच. चांडोलकर, सहायक अभियंता, ए.डी. दुधभाते, उप अभियंता और निजी व्यक्ति वी. खाड़े के रूप में हुई है।


शिकायतकर्ता 34 वर्षीय व्यक्ति ने एम-ईस्ट वार्ड के अधिकार क्षेत्र में ‘पिंक आर्मी’ योजना और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई से संबंधित काम किया था। काम पूरा होने के बाद उसके बिलों को मंजूरी देने के लिए कथित तौर पर 3.50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई।
रिश्वत देने से इनकार करने के बाद शिकायतकर्ता ने मुंबई ACB से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर ACB ने मामले की प्राथमिक जांच और सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान कथित तौर पर यह सामने आया कि दोनों सरकारी कर्मचारियों की ओर से रिश्वत की मांग की गई थी और निजी व्यक्ति उनके लिए रकम स्वीकार करने को तैयार था।
इसके बाद ACB ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
ACB महाराष्ट्र ने नागरिकों से सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगे जाने पर शिकायत करने की अपील की है।


