मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई पुलिस ने लापता बच्चों और वयस्कों को तलाश कर उनके परिवारों से मिलाने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन शोध-5’ शुरू किया है। यह विशेष अभियान 29 सितंबर से 16 अक्टूबर 2026 तक मुंबई में चलाया जाएगा। अभियान के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के लापता, अपहृत या अगवा किए गए बच्चों के साथ-साथ लापता पुरुषों और महिलाओं की तलाश की जाएगी।


मुंबई पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान प्रत्येक पुलिस थाने के स्तर पर विशेष टीमें गठित कर अधिक से अधिक लापता लोगों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस ने इस अभियान में गैर-सरकारी संगठनों और नागरिकों से भी सहयोग करने की अपील की है।


■ संदिग्ध बच्चे या लापता व्यक्ति दिखने पर तुरंत सूचना दें
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध बच्चा, लापता पुरुष या महिला दिखाई दे तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी पुलिस थाने को दें।
पुलिस ने विशेष रूप से रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, धार्मिक स्थल, अस्पताल, होटल, दुकान और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहने की अपील की है।
यदि कोई बच्चा सड़क पर भीख मांगता, कचरा बीनता या किसी प्रतिष्ठान में काम करता दिखाई दे, तो इसकी सूचना पुलिस को देने को कहा गया है।
इसी तरह, आसपास के इलाकों में घरेलू कामकाज समेत किसी भी तरह का काम करते हुए बच्चे दिखाई देने पर भी पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है।
■ बेसहारा या लावारिस लोगों की भी दें जानकारी
मुंबई पुलिस ने रेलवे और बस स्टेशनों के बाहर लावारिस या बेसहारा अवस्था में मिले बच्चों, महिलाओं या पुरुषों के बारे में भी तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा है। यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास किसी बच्चे, महिला या पुरुष के बारे में संदेह हो, तो वह नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क कर सकता है।
पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध या लापता बच्चे की तस्वीर ‘खोया-पाया’ पोर्टल पर भी अपलोड की जा सकती है। यह सुविधा मिशन वात्सल्य के माध्यम से उपलब्ध है।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से ‘ऑपरेशन शोध-5’ में सक्रिय रूप से सहयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि समय पर मिली छोटी-सी जानकारी भी किसी लापता व्यक्ति को उसके परिवार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


