मुंबई वार्ता संवाददाता

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर उन्हें हृदयाघात आया। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सुबह लगभग 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।


नाना पाटेकर के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर जितने बड़े अभिनेता थे, उतने ही संवेदनशील और बड़े दिल वाले इंसान भी थे। फडणवीस ने मराठी और हिंदी सिनेमा में उनके लगभग पांच दशक लंबे योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने दमदार और प्रभावशाली अभिनय से एक अलग पहचान बनाई।


मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘क्रांतिवीर’ से लेकर ‘नटसम्राट’ तक नाना पाटेकर के अभिनय सफर का उल्लेख किया। उनके अनुसार, नाना पाटेकर ने विभिन्न भूमिकाओं में अभिनय की असाधारण क्षमता और गहराई दिखाई। उनके अचानक निधन को फडणवीस ने भारतीय फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति बताया।
फडणवीस ने नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों को भी याद किया। उन्होंने किसानों, सूखाग्रस्त क्षेत्रों और ग्रामीण समुदायों के लिए नाना पाटेकर द्वारा किए गए काम की सराहना की। ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से नाना पाटेकर और अभिनेता मकरंद अनासपुरे ने महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों में किसानों और ग्रामीण परिवारों की सहायता, जल संरक्षण तथा ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य किए थे।
नाना पाटेकर का सामाजिक सरोकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं था। वे किसानों की आत्महत्या और ग्रामीण संकट को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे। मई 2026 में नागपुर में जल क्रांति परिषद के दौरान भी उन्होंने संकटग्रस्त किसानों से आत्महत्या जैसे कदम नहीं उठाने और मदद लेने की भावुक अपील की थी। उन्होंने कहा था कि गांवों और ग्रामीणों के साथ काम करने से उन्हें गहरा आत्मिक जुड़ाव महसूस होता है।
नाना पाटेकर ने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘सलाम बॉम्बे’, ‘नटसम्राट’, ‘अब तक छप्पन’, ‘वेलकम’ और कई अन्य फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री सहित कई सम्मान मिले थे।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत और राजनीतिक क्षेत्र की कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। नाना पाटेकर को उनके अभिनय के साथ-साथ किसानों और जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों के लिए किए गए सामाजिक कार्यों के लिए भी लंबे समय तक याद किया जाएगा।


