मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई को अवैध विज्ञापन बैनरों, फ्लेक्स, पोस्टरों और होर्डिंग से मुक्त करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। महानगरपालिका की ओर से 1 जनवरी से 16 अक्टूबर 2026 तक कुल 52,448 बैनर, फ्लेक्स और पोस्टर हटाए गए हैं। वहीं, 8 से 16 अक्टूबर के बीच चलाए गए विशेष अभियान में पूरे मुंबई से 3,537 अवैध विज्ञापन सामग्री जब्त की गई। इसमें बैनर, बोर्ड, पोस्टर और झंडे शामिल हैं।


अवैध विज्ञापन लगाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बीएमसी ने कानूनी कार्रवाई भी शुरू की है। महानगरपालिका के अनुज्ञापन विभाग की शिकायतों के आधार पर संबंधित पुलिस थानों में चार प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, 333 अन्य मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखित शिकायतें भेजी गई हैं।


महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े ने स्पष्ट किया है कि मुंबई के सार्वजनिक स्थलों को अवैध विज्ञापनों से मुक्त करने का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे साल यानी 365 दिन चलाया जाएगा।
■ महापौर की पहल, सालभर चलेगा अभियान
बीएमसी के विभिन्न विभागों की मासिक समीक्षा बैठक शनिवार, 17 अक्टूबर को वर्ली स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आयोजित की गई। इस बैठक में महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को अवैध विज्ञापनों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने बताया कि मुंबई के सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक स्थानों को अवैध विज्ञापनों से मुक्त रखने के लिए महापौर रितु तावड़े ने ‘शाडू बाप्पा दस दिन – फ्लेक्स-मुक्त मुंबई 365 दिन’ अभियान की घोषणा की है। महापौर स्वयं सड़कों पर उतरकर अवैध फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर और स्टिकर हटाने की कार्रवाई कर रही हैं।
भिड़े ने अनुज्ञापन विभाग, रखरखाव विभाग, अतिक्रमण निष्कासन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई को अवैध विज्ञापनों से मुक्त रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी आवश्यक है।
■ शिकायत मिलने पर तुरंत हटेंगे अवैध विज्ञापन
महानगरपालिका आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नागरिकों की ओर से अवैध विज्ञापन बोर्ड या होर्डिंग लगाए जाने की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए और संबंधित विज्ञापन सामग्री हटाई जाए।भविष्य में विज्ञापन बोर्डों को आधिकारिक अनुमति देने के साथ उनकी वैधता की आसानी से जांच करने के लिए क्यूआर कोड (QR Code) अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इससे अधिकृत और अनधिकृत विज्ञापन बोर्डों की पहचान करना आसान होने की उम्मीद है।इसके अलावा, बिना अनुमति के विज्ञापन बैनर और फ्लेक्स छापने वाले मुद्रकों तथा विज्ञापन एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
■ तीन महीने तक की जेल या जुर्माने का प्रावधान
बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति बैनर, पोस्टर और विज्ञापन बोर्ड लगाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है।महाराष्ट्र संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1995 के संबंधित प्रावधानों के तहत दोषियों को तीन महीने तक की कैद या जुर्माने की सजा हो सकती है।आयुक्त अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुंबई की सार्वजनिक संपत्ति, शहर की सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखने के लिए अवैध विज्ञापनों पर नियंत्रण रखा जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहे।


